ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से 20 दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 11, 2021

भुवनेश्वर| ओडिशा के कालाहांडी में एक शिक्षिका की हत्या को लेकर हंगामे के चलते राज्य विधानसभा में कामकाज नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही निर्धारित समय से 20 दिन पहले शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।

शिक्षिका के अपहरण व हत्या को लेकर सदन में हंगामा हुआ क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने गृह राज्य मंत्री डी एस मिश्रा को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की, जिन्होंने मामले के मुख्य आरोपी को कथित तौर पर बचाया है।

नौ कार्य दिवसों में, सदन में कोई महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हुआ। इस दौरान विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी की, विधानसभा के द्वार को अवरुद्ध किया और ‘‘शुद्धि’’ के लिए गंगाजल और गाय के गोबर का छिड़काव किया।

विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मंत्री मिश्रा ने मुख्य आरोपी को 17 अक्टूबर को पुलिस हिरासत से भागने दिया। उसे 19 अक्टूबर को फिर से पकड़ लिया गया।

कालाहांडी जिले के एक निजी स्कूल की 24 वर्षीय शिक्षिका 8 अक्टूबर को लापता हो गई थी और उसका अधजला क्षत-विक्षत शव 19 अक्टूबर को स्कूल के खेल के मैदान से बरामद हुआ था। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष हत्या मामले में मुख्य आरोपी है और आरोप है कि वह मंत्री मिश्रा का करीबी है।इसको लेकर सदन में हंगामा हुआ।

शुक्रवार को जैसे ही सदन ने ओडिशा विनियोग (नंबर 2) विधेयक, 2021 पारित किया, सरकार की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने विधानसभा के स्थगन के संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जबकि विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों ने विरोध में बहिर्गमन किया।

सत्र के पहले दिन, वित्त मंत्री निरंजन पुजारी ने 2021-22 के लिए 19,833 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था, जिसे 147 सदस्यीय सदन में सत्तारूढ़ बीजद के 113 विधायकों के समर्थन से आसानी से पारित कर दिया गया था।

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