By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा कि विहिप नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के ‘‘खून की हर एक बूंद के लिए न्याय किया जाएगा।’’ इसके साथ ही, उन्होंने स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की जांच से जुड़ी फाइलें सचिवालय से गायब होने के लिए पिछली बीजद सरकार को जिम्मेदार ठहराया। स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की 2008 में हत्या कर दी गयी थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की ‘‘विफलता, लापरवाही और तुष्टीकरण की राजनीति’’ के कारण फाइलें गायब हुईं, क्योंकि तत्कालीन सरकार दोषियों को बचाना चाहती थी।
अंगुल जिले में विहिप नेता की 100वीं जयंती पर आयोजित एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की विफलता, लापरवाही और तुष्टीकरण की राजनीति की आलोचना की। माझी ने कहा कि हत्या की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति महापात्रा आयोग और न्यायमूर्ति नायडू आयोग की रिपोर्ट और फाइलें दोषियों को बचाने की सोची-समझी साजिश’’ के तहत राज्य सचिवालय लोक सेवा भवन से गायब कर दी गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस मंच से, मैं ओडिशा के साढ़े चार करोड़ लोगों को आश्वासन देता हूं कि स्वामी जी के खून की हर एक बूंद के लिए न्याय किया जाएगा और सच्चाई सामने लाई जाएगी।’’ मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्मस्थान, गुर्जांग को विरासत गांव के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि गुर्जांग पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा।
ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाधी ने स्वामी लक्ष्मणानंद के आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान को याद किया और युवाओं से उनके रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान, ढेंकानाल के सांसद रुद्र नारायण पाणि, कंधमाल के सांसद सुकांत पाणिग्रही और कई विधायक उपस्थित थे।