By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 15, 2026
ओडिशा सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध बौद्ध विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को सरकार ने जिरांग मठ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य गुरु पद्मसंभव बौद्ध महाविहार के सहयोग से राज्य में आध्यात्मिक और अनुभव आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रत्नागिरि–उदयगिरि–ललितगिरि–जिरांग बौद्ध परिपथ का समग्र विकास करना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना में विरासत के संरक्षण और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ सतत पर्यटन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इससे इन ऐतिहासिक स्थलों पर आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा, संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज और मुख्य सचिव अनु गर्ग के साथ जिरांग मठ के अध्यक्ष ग्येत्रुल जिग्मे रिनपोछे भी मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बौद्ध विरासत ओडिशा की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी ओडिशा को बौद्ध तीर्थयात्रा के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।