By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 16, 2020
भुवनेश्वर/नयी दिल्ली। ओडिशा सरकार ने गुरूवार को खुलासा किया कि उसने 2015 से दुती चंद को 4.09 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है जबकि इस स्टार धाविका का कहना है कि इसमें एशियाई खेलों में पदक जीतने की तीन करोड़ रूपये की पुरस्कार राशि भी शामिल है। राज्य सरकार के इस बयान से एक दिन पहले दुती ने उस विवाद को दबाने की कोशिश की थी जो उनके बीएमडब्ल्यू कार को बेचने के लिये रखने के बाद खड़ा हो गया था। दुती ने कहा था कि वह अपनी लग्जरी कार को ट्रेनिंग के लिये फंड जुटाने के लिये नहीं बेच रही है बल्कि इसलिये क्योंकि वह इस कार के रख रखाव का खर्चा नहीं उठा सकती। ओडिशा सरकार के खेल एवं युवा मामलों के विभाग के बयान के अनुसार, ‘‘दुती चंद को राज्य सरकार से (2015 के बाद) मुहैया कराया गया कुल वित्तीय सहयोग 4.09 करोड़ रूपये है। ’’
दुती ने सरकार के इस दावे पर भी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि में उसका वेतन भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘इस 29 लाख रूपये में मेरा वेतन भी शामिल है और मुझे नहीं पता कि यह ट्रेनिंग सहयोग के लिये कैसे है। मैं ओएमसी की कर्मचारी हूं और मुझे मेरा वेतन मिलेगा। मुझे यह पता करना होगा। ’’ सरकार के बयान के अनुसार 24 साल की इस खिलाड़ी का हर महीने का वेतन 84,604 रूपये है जबकि बुधवार को दुती ने दावा किया था कि उसे 60,000 रूपये मिलते हैं। ओडिशा सरकार के बयान के अनुसार, ‘‘उसका प्रत्येक महीने मौजूदा कुल वेतन 84,604 रूपये (जून 2020 का वेतन) है। उसे कार्यालय आने की जरूरत नहीं होती ताकि वह पूरा ध्यान ट्रेनिंग पर लगा सके। इसी के अनुसार ओएमसी में नियुक्ति के बाद दुती को कोई काम नहीं दिया गया। ’’ दुती ने इस पर कहा कि वह घर पर खाली नहीं बैठी थीं, वह देश के लिये पदक जीतकर ला रही थीं और अपने नियोक्ता को गौरवान्वित कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं पदक जीतती हूं तो मुझे लगता है कि मैं अपने नियोक्ता के लिये भी कुछ करती हूं। मैं उन्हें गौरवान्वित करती हूं। मैं घर पर खाली नहीं बैठी थी, ऐसा नहीं है कि मैंने पदक जीतना बंद कर दिया है। कार्यालय में पेन और पेपर के इस्तेमाल के बजाय मैं ट्रेनिंग मैदानों और स्टेडियम पर मेहनत कर रही थी।