By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्से में बुधवार को गहरे दबाव के तट के करीब पहुंचने के कारण भारी बारिश हुई, जिसके चलते अधिकारियों ने कम से कम 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि ओडिशा में मंगलवार से हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में सुबह 8.30 बजे तक कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी जिले के जयपुर में 161 मिलीमीटर बारिश हुई।
दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन संभावित गजपति जिले के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों समेत 3,500 लोगों को चक्रवात केंद्रों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्हें पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले 140 इलाकों की पहचान की है और इन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा और नबरंगपुर जिलों में घरों में बारिश का पानी घुसने, पेड़ों के उखड़ने, मकानों के ढहने और पहाड़ियों से कीचड़युक्त पानी नीचे आने की खबरें हैं। आईएमडी ने बुधवार एवं बृहस्पतिवार को दक्षिणी ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
बुधवार को मौसम विभाग ने कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (कार्रवाई करें) जारी किया। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है। नबरंगपुर जिले के लिए बृहस्पतिवार को भी इसी तरह का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (तैयार रहें) जारी किया गया है, जहां 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से बृहस्पतिवार शाम तक तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बनी रहेगी और हवा की रफ्तार 55-65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को बृहस्पतिवार शाम तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
मौसम तंत्र को देखते हुए राज्य सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ) की 33 टीमों को भी तैनात किया है। इस बीच, राज्य सरकार ने 10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। आगामी स्थिति को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय में मौजूद रहने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों के अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में आपातकालीन दवाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से निचले इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) या मां गृहों में स्थानांतरित करने को कहा गया है।