By एकता | Jun 15, 2026
पिछले 3 महीने से ज्यादा समय से चल रहा अमेरिका और ईरान का युद्ध अब खत्म हो गया है। इस बड़ी और राहत भरी खबर के आते ही सोमवार को भारतीय शेयर बाजार और भारतीय रुपये में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर रविवार को इस शांति समझौते का ऐलान किया, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों ने राहत की सांस ली है।
इस जोरदार तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है।
सस्ता हुआ कच्चा तेल: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 4.66% गिरकर 83.26 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। तेल सस्ता होने से भारत का खर्च बचेगा, जिससे रुपये को सीधा फायदा हुआ।
होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: दोनों देश दुनिया में तेल सप्लाई के सबसे खास रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर राजी हो गए हैं।
कमजोर हुआ डॉलर: दुनिया की 6 बड़ी करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला 'डॉलर इंडेक्स' 0.22% गिरकर 99.53 पर आ गया, जिससे भारतीय करेंसी को संभलने का मौका मिला।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से भारतीय शेयर बाजार में भी पैसों की बारिश हुई। सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में, सेंसेक्स 1,112.70 अंकों की भारी बढ़त के साथ 76,648.74 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 335.55 अंकों की मजबूती के साथ 23,956.40 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा।
आपको बता दें कि इस शांति समझौते को स्विट्जरलैंड में फाइनल किया गया है और आने वाली 19 जून को दोनों देश इस पर ऑफिशियल साइन करेंगे। हालांकि, पिछले शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार से 1,082.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, लेकिन सोमवार सुबह की तेजी ने पिछले सारे रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया।