By अभिनय आकाश | Jan 11, 2021
नेपाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली दो तरफा राजनीति का खेल खेल रहे हैं। एक तरफ वह नक्शा विवाद को लेकर बातचीत के लिए अपने विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली को भारत भेज रहे हैं। दूसरी तरफ कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को भारत से वापस लेने के दावे भी कर रहे हैं। बता दें कि नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली भारत के दौरे पर आने वाले हैं। ओली ने सांसदों को बताया कि नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली के भारत दौरे में भी सीमा विवाद के मुद्दे को उठाया जाएगा। रिश्तों में तनाव आने के बाद वह नेपाल से भारत आने वाले वह सबसे वरिष्ठ राजनेता होंगे।
कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख भारत से वापस लेने के दावे
बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि वह कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख क्षेत्र को भारत से वापस लेंगे। ओली ने नेशनल असेंबली (उच्च सदन) को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। ओली ने कहा, सुगौली संधि के मुताबिक महाकाली नदी के पूर्वी हिस्से में स्थित कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख नेपाल का भाग हैं। हम भारत के साथ कूटनीतिक वार्ता के जरिए इन्हें वापस लेंगे।
नेपाल ने जारी किया था विवादित नक्शा
नेपाल सरकार ने पिछले साल भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख के अपना होने का दावा करते हुए विवादित नक्शा जारी किया था, जिसका भारत ने कड़े शब्दों ने विरोध जताया था। इसे लेकर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे एकतरफा कदम करार दिया था।