By नीरज कुमार दुबे | Sep 16, 2026
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक मोदी सरकार की विदेश नीति के मुरीद हो गये हैं और दोनों ने हाल में नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और भारत की कूटनीतिक पहल की तारीफ की है। उमर अब्दुल्ला ने जहां ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की स्पष्ट निंदा को भारत की विदेश नीति की सफलता बताया, वहीं मीरवाइज ने सम्मेलन से दुनिया को मिले “शांति और कूटनीति के अच्छे संदेश” की सराहना की।
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हम आपको बता दें कि ब्रिक्स नेताओं ने घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों से मुकाबले की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही रोकने, आतंकवाद के वित्तपोषण वाले नेटवर्क को बाधित करने और आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया था। हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने भारत की विदेश नीति को लेकर किसी दूसरे देश की प्रशंसा को बहुत अधिक महत्व देने से भी सावधान किया। चीन की ओर से भारत की विदेश नीति की सराहना के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और उसे किसी दूसरे देश से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि यदि किसी देश की सकारात्मक टिप्पणी को स्वीकार किया जाता है तो भविष्य में उसकी नकारात्मक टिप्पणी को भी उसी तरह स्वीकार करना पड़ेगा।
वहीं, मीरवाइज उमर फारूक ने भी ब्रिक्स सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में दुनिया के नेताओं का एकत्र होना और वहां से शांति तथा कूटनीति का संदेश जाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तनाव कम करने की कोशिशें सफल होंगी और पश्चिम एशिया में शांति बहाल होगी। मीरवाइज ने हालांकि दुनिया में बढ़ते संघर्षों पर चिंता भी जताई। उन्होंने दक्षिण एशिया, यूरोप, यूक्रेन और सूडान समेत कई क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही इसे युद्ध का दौर नहीं कहा जा रहा हो, लेकिन जमीनी स्थिति लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हिंसा की ओर इशारा करती है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए मीरवाइज ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों की ओर से ईरान के प्रति एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने महात्मा गांधी की अहिंसा की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत बातचीत को बढ़ावा देने और पश्चिम एशिया के संघर्ष को और बढ़ने से रोकने में रचनात्मक भूमिका निभा सकता है।