By अनन्या मिश्रा | Jul 20, 2025
आज ही के दिन यानी की 20 जुलाई को अपोलो 11 चंद्रमा की सतह पर उतरा था। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए लाखों की संख्या में लोग अपने घरों में बैठकर टीवी पर देख रहे थे। उस समय चंद्रमा पर जाने के मिशन को असंभव माना जा रहा था। क्योंकि उस समय उपकरण, रॉकेट और अंतरिक्ष यात्रियों की क्षमताओं पर काफी संदेह था। हालांकि जब से अपोलो 11 के अंतरिक्ष यात्री सतह पर उतरे हैं, तब से उनके पदचिन्हों पर चलने वाले सिर्फ 10 ही हुए हैं।
अपोलो 11 मिशन के तीन चालक दल के सदस्य कमांडर नील आर्मस्ट्रांग, कमांड मॉड्यूल पायलट माइकल कॉलिन्स और लूनर मॉड्यूल पायलट एडविन 'बज' एल्ड्रिन थे। बता दें कि नील आर्मस्ट्रांग मनुष्य के लिए एक छोटा कदम और उद्धरण के पीछे के अंतरिक्ष थे। वहीं एल्ड्रिन ने चंद्रमा पर अंतरिक्ष बूट छाप की तस्वीर खींची थी। जोकि अध्ययन का एक हिस्सा था।
अपोलो 11 को चंद्रमा तक पहुंचने में 4 दिन, 6 घंटे और 45 मिनट लगे थे। इस मिशन का शुरूआती उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर उतरने की बजाय चंद्रमा की परिक्रमा करने के लिए तीन व्यक्तियों के दल को भेजना था। लेकिन बाद में इस मिशन में बदलाव किया गया और अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह तक पहुंचने में सफल रहे।