By अनन्या मिश्रा | May 27, 2025
तिथि और मुहूर्त
पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करके स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें। फिर घर के पास स्थिति किसी शनि मंदिर में जाकर शनि देव के पैरों के दर्शन करते हुए सरसों का तेल अर्पित करें। वहीं संभव हो तो शाम के समय भी शनि मंदिर में जाकर शनि देव के दर्शन कर पूजा-अर्चना करें। शनि देव की पूजा में सरसों का तेल, काला तिल, दीपक और नीले रंग के पुष्प अर्पित करें। फिर इसके बाद शनि चालीसा, शनि स्त्रोत, शनि मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करें। फिर पूजा के अंत में शनि चालीसा करें।
शनि मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्ड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥
ॐ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंयोरभिस्त्रवन्तुनः।