Pahalgam Attack की पहली बरसी पर Indian Army ने Operation Sindoor को याद करते हुए आतंकियों को दी खुली चेतावनी

By नीरज कुमार दुबे | Apr 21, 2026

पिछले वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला देश को झकझोर देने वाला था। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध पहलगाम उस दिन खून से रंग गया, जब पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी। इस हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने आपरेशन सिन्दूर को याद करते हुए आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है कि मानवता की सीमाएं लांघने पर जवाब निर्णायक होगा और भारत कभी भूलता नहीं।

हम आपको याद दिला दें कि भारत ने इस हमले का जवाब कड़े सैन्य कदमों से दिया था। 7 मई 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर में स्थित नौ बड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के अड्डे शामिल थे। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया था। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले और गोलाबारी की घटनाएं सामने आईं, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही थी। भारत ने मजबूती से जवाब देते हुए लाहौर और गुजरांवाला के पास स्थित रडार ठिकानों को नष्ट कर दिया थी। भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक ने भारत से संपर्क किया और 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।

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इसके अलावा ऑपरेशन महादेव भी एक महत्वपूर्ण सफलता रही, जिसमें सुरक्षा बलों ने पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को खोजकर मार गिराया। इसके अलावा, गैर सैन्य कदमों के तहत भारत ने सिंधु जल संधि और पाकिस्तान के साथ सभी द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध भी समाप्त कर दिए थे। पहलगाम हमले के बाद भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को भी तत्काल प्रभाव से देश छोड़ने का आदेश दिया गया था। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और आतंक को समर्थन देने वाली सरकार तथा उसके संचालकों में कोई अंतर नहीं किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लगातार कहते रहे हैं कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी समाप्त नहीं हुआ है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

हम आपको यह भी बता दें कि थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने इस ऑपरेशन को तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण बताया था। उन्होंने कहा कि स्पष्ट राजनीतिक निर्देश और कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता के कारण यह अभियान सफल रहा। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भी इसे एक निर्णायक क्षण बताया था, जिसने वायु सेना की सटीकता, ताकत और एकजुटता को प्रदर्शित किया। वहीं नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा था कि उत्तरी अरब सागर में तैनात युद्धपोत समूह ने पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों को सीमित कर दिया था।

देखा जाये तो पहलगाम हमला केवल एक आतंकी घटना नहीं था, बल्कि यह मानवता पर हमला था। इसके जवाब में भारत की सैन्य, कूटनीतिक और रणनीतिक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।

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