कोविड-19 लॉकडाउन के एक साल, भारत बेरोजगारी की समस्या से आज भी जूझ रहा है

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 24, 2021

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी पर काबू पाने के लिए पिछले साल 25 मार्च को लागू किए गए लॉकडाउन के चलते पैदा हुआ आजीविका का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा और एक साल बाद भी भारत बेरोजगारी की समस्या से उबर नहीं पाया है। सरकार ने महामारी के घातक प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया था, लेकिन इससे आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियां थम गईं और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा तथा प्रवासी मजदूरों के पलायन ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली के क्लबों में शराब पीने वाले लोग अब टेबल पर ‘पूरी बोतल’ मंगा सकेंगे

सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक हालांकि बेरोजगारी की दर पिछले साल अगस्त में फिर बढ़कर 8.3 प्रतिशत और सितंबर में सुधार दर्शाते हुए 6.7 फीसदी हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक सीएमआईई के आंकड़ों में जुलाई के बाद से बेरोजगारी के परिदृश्य में सुधार के संकेत हैं, लेकिन इसमें स्थायित्व केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में सुधार के बाद आएगा। रोजगार की दृष्टि से इस दौरान कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में नए सिरे से रोजगार पैदा करने के लिए कई कदम उठाए हैं लेकिन रोजगार के परिदृश्य में लगातार सुधार के लिए बार-बार नीतिगत हस्तक्षेप और जमीनी स्तर पर पहल की जरूरत है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार लगभग 16.5 लाख लोगों ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) से लाभ उठाया है। यह योजना अक्टूबर में शुरू की गई थी।

प्रमुख खबरें

कहीं और से तेल खरीदो...रूस को लेकर अब खुलेआम धमकाने लगा अमेरिका, सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने जानें क्या कहा

अज़रबैजान में होने वाले FIFA U15 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत को ग्रुप K में रखा गया है

America और China बातचीत में मानवाधिकार न हों नजरअंदाज, Xi Jinping के दौरे पर Freedom House की मांग

Tata Sons Board ने N Chandrasekaran को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर चुना Chairman