देश में तेज़ी से बढ़ रहा है ऑनलाइन व्यापार

By प्रह्लाद सबनानी | Oct 16, 2019

हाल ही में ऑनलाइन बिक्री के जो आँकड़े आए हैं उन्हें काफ़ी अहमियत दी जा रही है। हमारे देश में सामानयतः त्योहारी मौसम में बाज़ार में रौनक़ बढ़ जाती है। देश में दो मुख्य ई-कामर्स कम्पनियों ने नवरात्री के दौरान क़रीब 19000 करोड़ रुपए की बिक्री को अंजाम दिया है। यह बम्पर बिक्री ऐसे समय पर हुई है जब कहा जा रहा है कि देश में लोग पैसा ख़र्च नहीं कर रहे हैं। अतः क्या इसे बाज़ार में माँग की वापिसी का संकेत माना जाय। 

 

देश में बड़ी तेज़ी के साथ डिजिटलीकरण हो रहा है। मोबाइल फ़ोन पर अब उत्पाद ख़रीद की सुविधा उपलब्ध हो गयी है। अतः लोग ब्रिक-मोर्टर ख़रीद से ऑनलाइन ख़रीद की ओर जा रहे हैं। अच्छी डील्स मिल रही हैं। घर पहुँच डिलीवरी हो रही है। युवा वर्ग तो बहुत पहले से आन-लाइन ख़रीद के प्रति आकर्षित था, अब अधेड़ उम्र के लोग भी इस प्लेटफ़ॉर्म पर शिफ़्ट हो रहे हैं। दूसरे एवं तीसरे दर्जे के शहर भी अब तेज़ी से ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर जा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड के पहाड़ों में रेल यात्रा एक सपना था, अब होगा पूरा

दरसल, देश में अब लोग ऑनलाइन ख़रीद के फ़ायदे देखने लगे हैं। जैसे, जब घर पहुँच सेवा उपलब्ध हो रही है तो ख़रीददारी करने के लिए बाहर क्यों जाएं। यदि बाहर मार्केट में जाना है तो आधा घंटा दुकान पर पहुंचने में लगता है। आजकल मार्केट में भीड़ अधिक होने के कारण वाहन को पार्क करने में परेशानी आती है। वाहन पार्किंग के लिए पैसे भरने होते हैं। बाज़ारों में भीड़ भी अत्यधिक होने लगी है। रोड पर ट्राफ़िक जाम की दिक्कत होने लगी है। इसके विपरीत, ऑनलाइन ख़रीददारी से समय की बचत हो रही है, पेट्रोल के ख़र्च की बचत हो रही है, कार पार्किंग के ख़र्च की बचत हो रही है। ग्राहकों को ऑनलाइन ख़रीददारी में उत्पाद का विकल्प बहुत ज़्यादा मिल रहा है अन्यथा विभिन्न उत्पादों के लिए अलग-अलग दुकानों पर जाना पड़ सकता है। वेबसाइट पर उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से मिल जाती है। साथ ही, ई-कामर्स कम्पनियाँ बहुत सारी छूट, बहुत सारी स्कीम, उपलब्ध करा रही हैं। तुलनात्मक रूप से बहुत कम क़ीमत पर उत्पाद मिल रहा है। इसलिए उपभोक्ता लौट के आ रहा है। यदि उत्पाद की क़ीमत तुलनात्मक रूप से कम रहेगी तो उपभोक्ता उत्पाद को ख़रीदना चाहेगा।  

 

ऑनलाइन हुई बिक्री के आँकड़े बताते हैं कि 91 प्रतिशत नए ग्राहक छोटे शहरों के हैं। और 3 टायर और 4 टायर शहरों में ऑनलाइन बिक्री के बारे में प्रतिक्रिया काफ़ी अच्छी हैं। इसका मुख्य कारण है, देश के गावों तक में नेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध होना। दूसरे, आज मोबाइल फ़ोन और स्मार्ट फ़ोन का क़रीब-क़रीब सभी नागरिकों के पास उपलब्ध होना। नेट उपलब्धता की स्पीड भी बहुत अच्छी हो गई है। तीसरे, छोटे शहरों में विभिन्न उत्पादों की उपलब्धता कम होना इसके विपरीत ऑनलाइन पर तरह-तरह के उत्पादों की बहुतायत में उपलब्धता रहती है। आजकल उपभोक्ता की पसंद भी बहुत बढ़ गई है। 

 

आजकल देश में बड़ी-बड़ी ई-कामर्स कम्पनियाँ ग्राहकों को आसान किश्तों में सामान बेच रहे हैं और वो भी बग़ैर किसी ब्याज के। ग्राहकों को आसानी से ऋण स्वीकृत कर देते हैं। ग्राहक के लिए बहुत आसानी हो गई है। कम्प्यूटर, टीवी, फ्रिज, स्कूटर, कार, आदि आसान किश्तों में उपलब्ध हैं। अब तो क्रेडिट कार्ड पर भी ईएमआई की सुविधा मिल रही है। पाइंटस मिल रहे हैं। उपभोक्ता के लिए पूरी डील को बहुत ही आकर्षक बनाकर पेश किया जा रहा है। जिसके कारण छोटे छोटे शहरों एवं गावों से भी उपभोक्ता ऑनलाइन कम्पनियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।  

 

ऑनलाइन कम्पनियों ने देश के उपभोक्ताओं की रुचि के बारे में डेटाबेस तैयार कर लिया है जिसके आधार पर उन्हें पता चल जाता है कि किस ग्राहक की क्या पसंद है, उसी हिसाब से ये लोग ग्राहकों को उत्पाद के विकल्प उपलब्ध कराते हैं। ग्राहक की, इन कम्पनियों के प्रति, निष्ठा उत्पन्न कर लेते हैं। उत्पाद चुनने में ग्राहक की बहुत मदद करते हैं। उत्पाद के बारे में सारी उलझनें समाप्त कर देते हैं। ऑनलाइन कम्पनियाँ ख़रीदे गए उत्पाद वापसी की भी सुविधा देती हैं। अमेरिका में तो ख़रीदे गए उत्पाद को 30 दिन तक भी वापिस किया जा सकता है और कम्पनियाँ बग़ैर कोई कारण बताए आसानी से उत्पाद वापिस ले लेती हैं।

 

परंतु, देश में ऑनलाइन ख़रीद का चलन देश के छोटे छोटे दुकानदारों के लिए कोई अच्छा संकेत नहीं है। देश में यदि छोटी दुकानों पर बिक्री ख़त्म होगी तो ये दुकानें बंद हो जाएँगी। शहरों एवं गावों में रोज़गार का बहुत बड़ा साधन चला जाएगा। इस पर गम्भीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। हालाँकि ऑनलाइन व्यापार के बढ़ने से मौसमी रोज़गार के अवसर बढ़े हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि क़रीब 90,000 नए रोज़गारों का सृजन हुआ  है। 

 

ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ई-कामर्स कम्पनियाँ अपना माल तो बेच ही रही हैं, साथ ही, ग्रामीण इलाक़ों एवं छोटे शहरों में कई दुकानदारों का माल भी बेच रही हैं। कई उत्पादक कम्पनियाँ भी सीधे ही अपना माल ग्राहकों को ऑनलाइन प्लाट्फ़ोर्म पर बेच पा रही हैं। अतः देखा जाय तो व्यापक स्तर पर मौक़ा तो सभी को मिल रहा है। आज गुजरात का एक ग्राहक नोर्थईस्ट के उत्पादों को सीधे ही ख़रीद रहा है। देश की अर्थव्यवस्था आज समेकन की प्रक्रिया के दौर से गुज़र रही है और फिर बदलाव तो प्रकृति का नियम है इसे रोका नहीं जा सकता है। अतः छोटे-छोटे दुकानदारों को भी देखना होगा कि इस विस्तारित नेटवर्क का फ़ायदा किस प्रकार उठा सकते है। 

इसे भी पढ़ें: भ्रष्टों से सख्ती से निबट तो रहे हैं योगी, पर अधिकारी भी बचने की तरकीबें जानते हैं

5 लाख विक्रेता एवं 600 से ज़्यादा शहरों के दुकानदार ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ई-कामर्स कम्पनियों से जुड़े हैं। कई महिलाएँ विक्रेता भी जुड़ी हैं एवं कई शिल्पकार भी जुड़े हैं। सम्भावनाएं सबके लिए बढ़ रही है, ऐसा पहले सोचा नहीं जा सकता था। नेट पर चले जाइए और पूरी दुनिया में अपना उत्पाद दिखाइए। कोई दुकान खोलने की ज़रूरत ही नहीं रही है। देश में युवाओं को इस व्यवस्था का फ़ायदा लेना चाहिए। वे उद्यमकर्ता बन सकते हैं। अपने शौक़ को व्यापार में बदल सकते हैं। 

 

देश में चूँकि क्रेडिट अव डेबिट कार्ड्ज़ का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है अतः अब छोटे छोटे दुकानदारों को भी ग्राहकों को आकर्षक ऑफ़र देने चाहिए एवं भुगतान हेतु क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड्ज़ स्वीकार करने चाहिए।। आज हर व्यक्ति कार्ड से भुगतान करना चाह रहा है। इससे रोकड़ में व्यापार कम होता जाएगा। यह देश हित में भी है क्योंकि मुद्रा के चलन के कम होने से देश में जाली मुद्रा का चलन भी बंद होगा। सारा व्यापार टैक्स नेट पर आ जाएगा। करों की चोरी पर रोक लग जाएगी। विकसित देशों में लगभग पूरा व्यापार ही कार्ड से भुगतान पर चलता है। हमारे ही देश के कई बड़े शहरों यथा मुंबई में सब्ज़ी एवं फलों के छोटे छोटे व्यापारी एवं ठेले पर उत्पाद बेचने वाले भी कार्ड के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने लगे हैं। 

 

छोटे-छोटे व्यापारियों को उत्पाद बेचने के बाद की सेवाओं पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। व्यक्तिगत सम्बन्धों को मज़बूत कर इसका फ़ायदा उठाना चाहिए। कुल मिलाकर, प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए आज ग्राहकों को संतुष्ट रखना अति आवश्यक है।    

 

प्रह्लाद सबनानी

 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Speaker Om Birla का बड़ा फैसला, अपने खिलाफ No-Confidence Motion पर निर्णय तक नहीं करेंगे सदन की अध्यक्षता

Podcast में Brand Manager के सनसनीखेज दावों पर भड़के Allu Arjun, भेजेंगे मानहानि का नोटिस

AI-Deepfake पर सरकार का सबसे बड़ा एक्शन, Social Media प्लेटफॉर्म्स के लिए जारी हुए सख्त New Rules

Assam Election से पहले Final Voter List जारी, 2.4 लाख नाम हटे, क्या बदल जाएंगे कई सीटों के समीकरण?