By नीरज कुमार दुबे | May 29, 2026
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मांजकोट क्षेत्र स्थित डोरिमल और गंभीर मुगला के घने वन क्षेत्रों में चल रहा आतंक विरोधी अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई लगातार सातवें दिन भी जारी है। हम आपको बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों को मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए इस व्यापक अभियान का उद्देश्य जंगलों में छिपे संदिग्ध आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करना है।
सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस क्षेत्र में दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है, जिनमें एक स्वयंभू कमांडर भी शामिल बताया जा रहा है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने अतिरिक्त जवानों, संसाधनों और आवश्यक सामग्री को अभियान क्षेत्र में भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा मजबूत और अभेद्य घेरा तैयार किया गया है जिससे किसी भी आतंकवादी को घने जंगलों की आड़ लेकर भागने का अवसर न मिल सके।
अभियान की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भी हाल ही में क्षेत्र का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की थी। उनके दौरे के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान को और तेज करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित कार्रवाई शुरू की। सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और जंगल के भीतर गहराई तक तलाशी अभियान चला रही हैं।
सोमवार को सुरक्षा बलों ने गोलीबारी के बाद एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड किया था, जिसके बाद से अभियान को और व्यापक रूप दिया गया। तलाशी कार्य में हेलीकाप्टर, मानवरहित निगरानी यंत्र और खोजी कुत्तों की भी सहायता ली जा रही है। इन साधनों की मदद से दुर्गम और घने वन क्षेत्रों में छिपे आतंकवादियों की तलाश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जंगल के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
इस बीच जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। हटली क्षेत्र में गोविंदसर रेलवे स्टेशन मार्ग के निकट एक ड्रोन मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस ने उसको जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उच्च सतर्कता पर हैं और घटना से जुड़ी हर जानकारी एकत्र की जा रही है।
हम आपको बता दें कि राजौरी में चल रहा यह व्यापक आतंक विरोधी अभियान सुरक्षा बलों की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि छिपे आतंकवादियों को बाहर निकालने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी, मजबूत घेराबंदी और निरंतर तलाशी अभियान के बीच आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की संभावना है।