By अंकित सिंह | Jul 28, 2025
सदन में व्यवधान के कारण शुरुआती देरी के बाद सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू हुई। यह चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के साथ दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी। लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगातार तीन बार स्थगित करनी पड़ी, जिससे चर्चा शुरू होने का समय आगे बढ़ गया। बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोपहर 2 बजे लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर’ केवल सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति का निर्णायक प्रकटीकरण था।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि हमारे सशस्त्र बलों द्वारा किए गए सुनियोजित हमलों में आतंकवादी ढाँचे के 9 ठिकानों पर सटीक निशाना साधा गया। इस सैन्य अभियान में, अनुमान है कि सौ से ज़्यादा आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, आका और सहयोगी मारे गए। इनमें से ज़्यादातर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि पूरा ऑपरेशन 22 मिनट के भीतर पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि भारत के आतंकवादी शिविरों पर हमले के बाद भारतीय डीजीएमओ ने पाकिस्तानी डीजीएमओ को सूचित किया और कहा कि हम हालात को और खराब नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बल अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहे।
रक्षा मंत्री ने लोकसभा में कहा कि एस-400, आकाश मिसाइल प्रणाली, वायु रक्षा बंदूकें बहुत उपयोगी साबित हुईं और पाकिस्तान के इस हमले को पूरी तरह से विफल कर दिया। उन्होंने सौफ तौर पर कहा कि दुश्मन के हर मंसूबे पर पानी फेरा गया है। पाकिस्तान एक भी टारगेट हिट नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली, ड्रोन-रोधी प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने पाकिस्तान के इस हमले को पूरी तरह विफल कर दिया। पाकिस्तान हमारे किसी भी लक्ष्य को भेद नहीं सका और हमारी किसी भी महत्वपूर्ण संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचा। हमारी सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य थी और हर हमले को नाकाम कर दिया गया।