By नीरज कुमार दुबे | May 13, 2025
पहलगाम में आतंकी हमले में जिस तरह निर्दोष पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या की गयी उससे पूरा देश अब भी स्तब्ध है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर चला कर ले भी लिया है। भारत ने आतंकवाद के प्रति अपना कड़ा रुख दोबारा दुनिया को दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई भी आतंकी हमला हुआ तो दोबारा घर में घुसकर मारेंगे और अब यही न्यू नॉर्मल है। वाकई बहुत अच्छी नीति है लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि आतंकवाद के साथ-साथ उन अन्य कारणों के खिलाफ भी कोई बड़ा ऑपरेशन चलाया जाये जोकि हर साल बड़ी संख्या में लोगों की जान ले रहे हैं। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि जैसे ना जाने कितने कारक हैं जिसकी वजह से हर साल मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।
इसी प्रकार, भारत में मृत्यु दर में जल प्रदूषण का भी महत्वपूर्ण योगदान है। अध्ययनों से पता चलता है कि 2019 में जल प्रदूषण के कारण 500,000 से अधिक असामयिक मौतें हुईं। यह कुल प्रदूषण से संबंधित मौतों का एक बड़ा हिस्सा है। जल प्रदूषण एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बनी हुई है।
इसी प्रकार भूमि क्षरण भी प्रदूषण और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में योगदान देता है। भूमि क्षरण मिट्टी की गुणवत्ता और जल संसाधनों को तेजी से प्रभावित करता है। एक अध्ययन के अनुसार, 2019 में भारत का लगभग 30% भौगोलिक क्षेत्र भूमि क्षरण के अधीन था, जिसमें दिल्ली में खासतौर पर क्षरण की उच्च दर देखी गई थी। देखा जाये तो भारत में प्रदूषण का बोझ वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियों और फसल जलाने जैसे विभिन्न कारकों के कारण भी बढ़ रहा है। इसलिए सरकार को चाहिए कि समस्या को बढ़ा रहे कारणों के खिलाफ भी एक ऑपरेशन चलाकर लोगों का जीवन बचाये।