बिहार विधानसभा में विपक्ष के विधायक ने मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित सीट पर बैठने की धमकी दी

By Prabhasakshi News Desk | Nov 28, 2024

पटना । बिहार विधानसभा में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब विपक्ष के एक विधायक ने मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित सीट पर बैठने की धमकी दी। यह समस्या उस वक्त शुरू हुई जब प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन से बाहर चले गए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता आलोक मेहता अपनी पार्टी के बागी विधायकों के सत्ता पक्ष के लिए निर्धारित सीट पर बैठने को लेकर आपत्ति जताने के वास्ते खड़े हुए। मेहता ने कहा, ‘‘बैठने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। अगर लोग अपनी मर्जी से (जहां-तहां) सीट पर बैठेंगे, तो इससे अव्यवस्था पैदा होगी।’’

अध्यक्ष ने मार्शल बुलाकर राजद विधायक को बाहर निकालने की भी चेतावनी दी और उन्होंने मार्शलों को बुलाया भी, लेकिन विपक्षी सदस्यों को सदन से बाहर निकालने का आदेश देने के बजाय कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करना उचित समझा। इसके बाद प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अध्यक्ष के कक्ष में उनसे कुछ देर बात की और फिर मीडिया से कहा, ‘‘हमारी शिकायत इस साल की शुरुआत में दलबदल करने वाले सभी विधायकों को अयोग्य ठहराने की हमारी याचिका पर अध्यक्ष द्वारा फैसला न कर पाने के खिलाफ है।’’

उल्लेखनीय है कि बजट सत्र में कम से कम सात विधायक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे। इनमें से पांच राजद और दो कांग्रेस विधायक थे। यादव ने कहा कि इन विधायकों को सत्ता पक्ष में बैठने की अनुमति देना एकतरफ़ा है। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि शिकायत पर जल्द ही विचार किया जाएगा। राजद विधायक भाई वीरेंद्र से जब पत्रकारों ने इस संबंध में सवाल पूछे तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ़ एक बात साबित करना चाहता था। मेरा इरादा चेतावनी देना था, न कि उस सीट पर बैठना था। अध्यक्ष को या तो बागियों को अयोग्य घोषित करना चाहिए या उन्हें दूसरी तरफ़ बैठने का निर्देश देना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Trump के चहेते कैंडि‍डेट्स की करारी हार, SIR पर सवाल उठाने वाली प्रमिला समेत इन भारतवंशियों ने किया कमाल

अगरतला नगर निगम चुनाव: Tripura Congress ने 49 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, CPM पर लगाया यह आरोप

Bihar में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 46,549 किलो Ganja और हेरोइन पकड़ी

जकार्ता में 20,000 से अधिक Indonesian Troops की तैनाती, राष्ट्रपति फोन टैपिंग मामले में जांच जारी