महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विगत वर्षों में सरकारों को हो चुका है घाटा, डैमेट कंट्रोल करने में जुटे योगी आदित्यनाथ

By अनुराग गुप्ता | Oct 03, 2020

लखनऊ। हाथरस में हुए सामूहिक गैंगरेप को लेकर देश में गुस्सा उबल रहा है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग हो रही है। विपक्षी खेमा प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। वहीं, सरकारी प्रशासन की लापरवाहियों के चलते योगी सरकार घिरती हुई भी दिखाई दे रही है और डैमेज कंट्रोल करने में भी जुटी हुई है। पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा पीड़िता के परिवार से मिलने की कवायद और फिर तृणमूल सांसदों का प्रतिनिधिमंडल हाथरस पहुंचा लेकिन उन्हें गांव के भीतर नहीं आने दिया गया। 

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद लोगों का हुजूम सड़कों पर दिखाई दिया और महिला सुरक्षा का मुद्दा अहम बन गया। यहां तक की शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली सरकार भी गिर गई। इसके अतिरिक्त 2016 हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार की हार के पीछे भी रेप केस बड़ा मुद्दा था। उस समय वीरभद्र सिंह पर रेप केस को दबाने के आरोप लगे थे। यही कारण है कि हाथरस कांड के बाद विपक्षी खेमा आक्रामक रूप से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ से लेकर अलीगढ़ तक प्रदर्शन हो रहे हैं। जहां एक तरफ पूरा देश महात्मा गांधी की 151वीं जयंती मना रहा था, वहीं उत्तर प्रदेश महात्मा गांधी के दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहा था। 

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प्रियंका गांधी को पीड़िता के परिवार से मिलने से रोका गया तो उन्होंने दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर में अपना मजमा जमा लिया और योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर हमले किए। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर खुद को घिरता देख योगी आदित्यनाथ ने भी अपना बचाव किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है। इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। आपकी यूपी सरकार प्रत्येक माता-बहन की सुरक्षा व विकास हेतु संकल्पबद्ध है। यह हमारा संकल्प है-वचन है।

महिला सुरक्षा का मुद्दा अहम

विपक्षी पार्टियों ने महिला सुरक्षा के मुद्दे को पकड़ लिया है क्योंकि उन्होंने विगत वर्षों में इस मुद्दे की वजह से अपनी सरकारों को गिरते हुए देखा है। वहीं, हाथरस मामले ने इसलिए भी सुर्खियां बटोरी हैं क्योंकि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि मृतक लड़की के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। जबकि पीड़िता ने अपने साथ गैंगरेप होने की बात कही थी।

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