हरिपुर में मिनी सचिवालय के लिए जमीन हस्तांतरण के आदेश जारी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 20, 2021

 धर्मशाला ।  हरिपुर में मिनी सचिवालय के भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग की भूमि हस्तांतरित करने के आदेश दे दिए गए हैं। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने बताया कि पिछले लंबे अरसे से हरिपुर में मिनी सचिवालय की मांग उठाई जा रही है इसी कड़ी में अब भूमि राजस्व विभाग को स्थानंतरित होने से मिनी सचिवालय की निर्माण की दिशा में सार्थक कदम उठाया जा सकता है। इससे लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि हरिपुर में मिनी सचिवालय का निर्माण होने पर तहसील कार्यालय का कामकाज भी बेहतर तरीके से होगा और लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि जिला में तहसील कार्यालयों तथा पटवार सर्किलों में आधारभूत संरचना उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कारगर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े।

इसे भी पढ़ें: 600 किसानों की हत्या की जिम्मेदार भाजपा अब किसान हितैषी होने का ढोंग रच रही- दीपक शर्मा

उपायुक्त कांगड़ा डा निपुण जिंदल ने उपमंडलाधिकारियों को नियमित तौर पर पटवार सर्किलों के निरीक्षण तथा फील्ड में जाकर लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि भू-संबंधी लंबित मामलों को त्वरित निपटाने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।  उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी रिकार्ड भी लोगों को आनलाइन मिले इस के लिए भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर पर राजस्व अधिकारियों के साथ नियमित तौर पर समीक्षा बैठक भी आयोजित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।

   उन्होंने कहा कि ई-समाधान के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को निपटाने के लिए भी गंभीरता से प्रयास किए जाएं इस के लिए उपमंडल स्तर पर ही नियमित तौर पर मीटिंग भी आयोजित की जाए।

प्रमुख खबरें

Bhadohi से अगवा किशोरी Jaunpur में मिली, पुलिस ने आरोपी अरमान को पकड़ा

Top 10 Breaking News 24 August 2026 | Iran-US Economic War | Operation Sindoor | Singheshwar Temple Stampede | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

Indonesia Forest Fire बुझाने के लिए 10,700 से अधिक दमकलकर्मी तैनात

जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक: संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा!