By अनुराग गुप्ता | May 11, 2022
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को राजद्रोह के संबंध में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अगर श्रीलंका से सीखा नहीं तो हालात उससे भी ज्यादा बदतर हो जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर से अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।
इसी बीच उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस तरह से अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, खासकर मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है, उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उनकी जान को खतरा है। ऐसी घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेने के लिए न्यायपालिका आगे नहीं आ रही।
इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया था कि श्रीलंका में जो कुछ भी हुआ उससे सबक लेना चाहिए। साल 2014 से भारत को सांप्रदायिक भय की ओर धकेला जा रहा है। यह उसी अतिराष्ट्रवाद और धार्मिक बहुसंख्यकवाद के रास्ते पर जा रहा है। सामाजिक तानेबाने और आर्थिक सुरक्षा को इसकी कीमत चुकानी होगी।