ओवैसी ने भोजनालयों पर उप्र सरकार के आदेश की तुलना हिटलर शासन से की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 28, 2024

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालय मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया आदेश की तुलना हिटलर शासन से की है।

ओवैसी ने शनिवार को तेलंगाना के कोडंगल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिटलर ने अपने शासनकाल के दौरान जर्मनी में यहूदियों से कहा था कि उन्हें स्टार ऑफ डेविड पहनना होगा और उनका बहिष्कार किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में कुछ मुसलमानों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त करने की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है और यह देश के लिए अच्छा नहीं है।

ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे की उस टिप्पणी की भी आलोचना की, जिसमें दुबे ने कहा था कि झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में आदिवासियों की जनसंख्या बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती आमद के कारण घट रही है।

  उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश द्वारा जारी उन निर्देशों पर रोक लगाते हुए 22 जुलाई के अपने अंतरिम आदेश को बरकरार रखने का निर्देश दिया, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित भोजनालयों को मालिकों, कर्मचारियों के नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए कहा गया था।

हिंदू कैलेंडर के ‘श्रावण’ महीने के दौरान शिवलिंगों पर जलाभिषेक करने के लिए विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में भक्त गंगा से पवित्र जल की ‘कांवड़’ लेकर आते हैं। कई श्रद्धालु इस महीने में मांस-मदिरा से दूर रहते हैं, तो कई लोग प्याज-लहसुन युक्त भोजन तक नहीं खाते।

प्रमुख खबरें

IT Rules पर Modi सरकार को Supreme Court से झटका, Fact Check Unit पर फिलहाल रोक

करूर भगदड़ कांड: एक्टर विजय को फिर मिला समन, दिल्ली में पेशी, करूर त्रासदी की जांच तेज

West Bengal में शांतिपूर्ण चुनाव का वादा, CEC Gyanesh Kumar बोले- किसी पात्र Voter का नाम नहीं हटेगा

AC Service Guide: जेट या नॉर्मल सर्विस में कौन है बेहतर? जानें फायदे-नुकसान और सही समय