By अभिनय आकाश | Jun 29, 2022
महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम की चर्चा इस वक्त देशभर में है। इसके साथ ही चर्चा में बीजेपी का ऑपरेशन लोट्स भी है। लेकिन तमाम सियासी घटनाक्रमों के बीच बिहार में लालू के लाल ने एक बड़ा खेल कर दिया है। साल 2020 का विधानसभा चुनाव जब बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पांच विधानसभा सीटें जीतकर हर किसी को चौंका दिया था। वहीं जिसके बाद ओवैसी इस जीत से उत्साहित होकर बंगाल से लेकर यूपी तक में भाग्य आजमाने निकल पड़े लेकिन वहां उन्हें कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी। लेकिन बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के चार विधायक राजद में शामिल होंगे। ओवैसी की पार्टी के चार विधायकों के राजद में शामिल होने की पुष्टि खुद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी की है।
बुधवार की दोपहर अचानक तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय सिन्हा के कमरे में एआईएमआई एम के 4 विधायकों के साथ पहुंचकर मुलाकात की। ओवैसी की पार्टी के चार विधायकों के शामिल होने के साथ ही राजद बिहार में बीजेपी को पीछे छोड़ राजद सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी. अब आरजेडी के विधानसभा में 79 विधायक होंगे तो वहीं बीजेपी 77 विधायकों के साथ दूसरे नम्बर की पार्टी होगी।