By अंकित सिंह | Mar 10, 2026
एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए भाजपा सांसद जगदंबिका पाल द्वारा कार्यवाही की अध्यक्षता करने की वैधता पर सवाल उठाया। ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 95 और 96 का हवाला देते हुए तर्क दिया कि अध्यक्ष द्वारा नियुक्त पाल अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की अध्यक्षता नहीं कर सकते। उन्होंने सदन का रुख स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि नियम 10 संवैधानिक प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकता। उन्होंने सरकार पर संवैधानिक गड़बड़ी पैदा करने का आरोप लगाया।
लोकसभा के नियम 10 के तहत अध्यक्ष को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में अध्यक्षता करने के लिए 'अध्यक्षों के पैनल' को मनोनीत करने का अधिकार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष पर "अशांत" होने और जनता की इच्छा के विरुद्ध जाने का आरोप लगाया, क्योंकि उनका आरोप है कि वे अध्यक्ष की शक्ति को अपने लिए हथियाना चाहते हैं। मतघोषणा के बीच विपक्षी सांसदों पर कटाक्ष करते हुए मंत्री रिजिजू ने राहुल गांधी के पूर्व बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई सदन में खुद को अध्यक्ष से ऊपर समझता है तो उनके पास इसका कोई इलाज नहीं है।