By अंकित सिंह | Aug 10, 2023
एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव में हिस्सा लेते हुए लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया जो उन्होंने बुधवार को दी थी। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारे गृह मंत्री कल 'भारत छोड़ो' की बात कर रहे थे। मुझे आश्चर्य है कि अगर उन्हें पता चलेगा कि 'भारत छोड़ो' शब्द एक मुस्लिम द्वारा गढ़ा गया था, तो वह इस शब्द का उपयोग नहीं करेंगे। मैं कहना चाहता हूं कि आप (केंद्र सरकार) जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, उससे देश को नुकसान होगा। मैं पीएम से पूछना चाहता हूं कि क्या हिंदुत्व देश से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इन लोग जुल्म के खिलाफ नहीं बोले तो ‘दुकानदारी’ बंद हो जाएगी, ‘चौकीदार’ बदल जाएगा और देश को तीसरा मोर्चा मिलेगा।
हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘दुकानदार और चौकीदार हमारी लाशों पर कब तक सियासत करेंगे? अगर आप जुल्म के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे तो दुकानदारी नहीं चलेगी, चौकीदार बदल जाएगा, तीसरा मोर्चा चलेगा।’’ उन्होंने ट्रेन में एक पुलिसकर्मी द्वारा चार लोगों की हत्या की घटना और हरियाणा की हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को बहुसंख्यक समुदाय से जुड़े कट्टरपंथ पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार का जमीर कहां गया था जब नूंह में सैकड़ों इमारत को ढहा दिया गया और कोई कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया...हिंदुस्तान में नफरत का माहौल पैदा किया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्य बिलकीस बानो इस देश की बेटी नहीं है...कातिलों को रिहा कर दिया गया। क्या यह आपका जमीर है?’’ ओवैसी ने ज्ञानवापी मामले का परोक्ष उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘तारीख के जख्मों को नहीं कुरेदा जाना चाहिए...सरकार को उच्चतम न्यायालय में स्पष्ट करना चाहिए कि वह 1991 के उपासना स्थल अधिनियम पर कायम है।’’