By अनन्या मिश्रा | Jan 07, 2026
घूमने के शौकीन लोग मौका मिलते ही बैग पैक करके घूमने के लिए निकल जाते हैं। छुट्टियां मिलते ही लोग छोटा सा राहत देने वाला ब्रेक लेना चाहते हैं, तो सफर पर जा सकते हैं। लेकिन फिर भी वीकेंड ट्रिप प्लान करके भी आप एक छोटा सा ब्रेक ले सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। बल्कि आप मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन की सैर के लिए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश का पचमढ़ी एक परफेक्ट वीकेंड गेटवे है।
पचमढ़ी में आपकी हरियाली, ठंडी हवाएं, गुफाएं और पहाड़ियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। ऐसे में अगर आप भी शांत और प्राकृतिक जगह की तलाश कर रहे हैं, तो पचमढ़ी एक शानदार ऑप्शन है। आप भी इस वीकेंड इस हिल स्टेशन को एक्सप्लोर करने के लिए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है।
यहां पर आप चारों ओर हरियाली भरे जंगल, पुरानी गुफाएं, तालाब, पहाड़ों से गिरते झरने का ठंडा पानी आदि का अनुभव ले सकते हैं। पचमढ़ी में कई शानदार जगहें हैं, जोकि पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं।
पंचमढ़ी के खूबसूरत झरनों का ठंडा पानी आपकी गर्मी को छू-मंतर कर देगा। पचमढ़ी में दो ऐसी जगहें हैं, जहां झरने की ठंडी बूंदों का आनंद ले सकते हैं। पचमढ़ी के फेमस जल प्रपातों में एक सिल्वर फॉल्स है, जिसको रजत प्रपात भी कहा जाता है। यह झरना 350 फीट की ऊंचाई से गिरता है, जोकि दिखने में दूध की तरह लगता है। वहीं पास में एक हांडी खोह के पास एक खाई है, जो करीब 300 फीट गहरी है। यह खाई घने जंगलों के बीच है। यहां पर बहती हुई नदियों को देखकर आपके दिल को एक अलग ही सुकून मिलेगा।
दूसरी तरफ बी फॉल्स है, इसको जमुना फॉल्स भी कहते हैं। यह 150 फीट की ऊंचाई से गिरता है। जब इसका पानी चट्टानों से टकराता है, तो मधुमक्खी जैसी भिनभिनाहट होती है। इस कारण इसका नाम बी फॉल्स पड़ा है।
जटाशंकर गुफा पचमढ़ी से करीब डेढ़ किमी दूर है। इस स्थान पर आपको भगवान शिव के प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन होते हैं। वहीं मंदिर के पास एक चट्टान पर हनुमान जी की मूर्ति बनी हुई है। धार्मिक महत्व के अलावा यहां का प्राकृतिक सौंदर्य ट्रेकिंग प्रेमियों को बहुत पसंद आती हैं।
धूपगढ़, मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची चोटी है। जोकि सतपुड़ा पर्वतमाला के महादेव पहाड़ियों पर स्थित है। यहां से आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखना नहीं भूलना चाहिए।
माना जाता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के समय कुछ समय यहां पर बिताया था। यह स्मारक आज भी पर्यटकों के बीच फेमस है।
अगर ट्रेन से पचमढ़ी जाना चाहते हैं, तो नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है, जोकि 50 किमी दूर है। यहां से आप टैक्सी या बस द्वारा पचमढ़ी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा सड़क मार्ग से भोपाल, जबलपुर या इटारसी से भी आसानी से यहां आ सकते हैं।
गर्मियों से राहत पाने के लिए आप मार्च से जुलाई के बीच भी पचमढ़ी जा सकते हैं। यहां का तापमान कम होता है और मौसम सुहावना होता है, जोकि आपको सुकून और राहत महसूस करवा सकता है। अक्तूबर से फरवरी के बीच घूमने जाने के लिए पचमढ़ी परफेक्ट जगह है।
बता दें कि भोपाल से पिपरिया तक रेल किराया करीब 600 से 1000 रुपए तक है। वहीं अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, तो 1,000 रुपए में बस से सफर कर सकते हैं। यहां आप एमपी टूरिज्म के गेस्ट हाउस से लेकर बजट होटल्स और रिजॉर्ट्स तक में स्टे कर सकते हैं। वहीं यहां पर घूमने के लिए आप स्थानीय परिवहन ले सकते हैं। दो दिन पचमढ़ी के सफऱ में आपका 3000-4000 रुपए खर्च हो सकता है। वहीं शनिवार और रविवार को आप पंचमढ़ी जा सकते हैं।