By एकता | Jan 25, 2026
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'पद्म पुरस्कारों' की घोषणा कर दी है। इस साल बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीएस अच्युतानंदन सहित पांच प्रतिष्ठित हस्तियों को देश का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान पद्म विभूषण दिया गया है।
इस वर्ष देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण, पांच विशिष्ट हस्तियों को प्रदान किया गया है, जिन्होंने कला, साहित्य और सार्वजनिक जीवन में असाधारण योगदान दिया है। मनोरंजन जगत के दिग्गज और बॉलीवुड के 'ही-मैन' धर्मेंद्र को कला (सिनेमा) के क्षेत्र में उनके शानदार करियर के लिए यह सम्मान मिला है। सार्वजनिक मामलों में उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत) और केटी थॉमस को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है। इनके अलावा, शास्त्रीय संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मशहूर वायलिन वादक एन राजम को कला के क्षेत्र में और पी नारायणन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है।
पद्म भूषण पाने वालों में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, विज्ञापन जगत के दिग्गज दिवंगत पीयूष पांडे, मशहूर बैंकर उदय कोटक, और भाजपा नेता वीके मल्होत्रा शामिल हैं। साथ ही, मनोरंजन जगत से मलयालम सुपरस्टार ममूटी और लोकप्रिय गायिका अलका याग्निक को भी इस सम्मान से नवाजा गया है।
खेल और शिक्षा जगत के कई सितारों को इस साल पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है। खेल की दुनिया में भारतीय क्रिकेट का गौरव बढ़ाने वाले दो बड़े नामों पुरुष टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और महिला टीम की वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। इनके साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया को भी खेल में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। मनोरंजन जगत की बात करें तो दिग्गज अभिनेता सतीश शाह (मरणोपरांत) और टॉलीवुड के मशहूर अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को यह सम्मान दिया गया है। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले यूजीसी के अध्यक्ष और जेएनयू के पूर्व कुलपति मामिडाला जगदीश कुमार को भी पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
इस साल की सूची में कुल 19 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 16 लोगों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। सूची में 6 विदेशी प्राप्तकर्ता भी शामिल हैं। ये पुरस्कार हर साल राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।