लालू की Political Legacy अब Tejashwi Yadav के नाम, RJD में शुरू हुआ नया Power Chapter

राजद में नेतृत्व परिवर्तन के तहत तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो पार्टी में एक नए युग का संकेत है। लालू प्रसाद यादव द्वारा की गई इस घोषणा के बाद अब तेजस्वी पर पार्टी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने और भविष्य की चुनावी चुनौतियों का सामना करने की औपचारिक जिम्मेदारी होगी।
बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय जनता दल के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए, लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी घोषणा करते हुए लिखा, 'एक नए युग की शुरुआत! तेजस्वी यादव जी को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।'
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुई घोषणा
यह अहम फैसला राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में लिया गया। इस मौके पर बिहार के दोनों पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, मंच पर मौजूद थे। लालू यादव ने खुद तेजस्वी को नियुक्ति पत्र सौंपा। हालांकि तेजस्वी को हमेशा से लालू के बाद पार्टी का मुख्य चेहरा माना जाता रहा है, लेकिन अब इस नियुक्ति के साथ उनके पास औपचारिक रूप से परिवार और पार्टी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।
एक नए युग का शुभारंभ!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) January 25, 2026
श्री @yadavtejashwi जी बनाए गए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष! @yadavtejashwi pic.twitter.com/BLFvzXJsJh
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क्रिकेटर से राजनेता तक का सफर
तेजस्वी यादव का करियर काफी दिलचस्प रहा है। राजनीति में आने से पहले वे एक उभरते हुए क्रिकेटर थे और इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रह चुके हैं। 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में उनके नेतृत्व में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उन्होंने नीतीश कुमार के साथ सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में काम भी किया।
भविष्य की चुनौतियां
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला पार्टी को एक नया और युवा नेतृत्व देने के लिए लिया गया है। हालांकि, हालिया चुनावों में कड़ी मेहनत के बावजूद राजद तीसरे स्थान पर खिसक गई थी, क्योंकि बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन अधिक मजबूत साबित हुआ। अब नए पद के साथ तेजस्वी यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को फिर से बिहार की नंबर वन शक्ति बनाने और प्रतिद्वंद्वी दलों का मुकाबला करने की होगी।
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