By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 13, 2026
सिरदर्द हो, पेट दर्द या फिर शरीर में कोई भी समस्या होती है, तो हम सभी तुरंत दर्द निवारक गोलियां खाने लग जाते हैं। बिना डॉक्टर के सलाह से पेन किलर लेना काफी आम हो चुका है। जो लोग वर्किंग हैं, वे लोग दर्द के दौरान बहुत जल्द दर्द निवारक गोलियां खाते हैं। बार-बार पेन किलर खाने से किडनी पर असर पड़ता है। आइए आपको बताते हैं कि दर्द निवारक गोलियां खाने से क्या होता है?
पेन किलर किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?
हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि ज्यादातर दर्द निवारक दवाएं एनएसएआईडी( NSAIDs) नाम की दवाओं की कैटेगरी में आती हैं। यदि इनको अधिक मात्रा में खाया जाए या फिर गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो ये किड़नी के फंक्शन को खराब कर देती है।
कम हो जाता है ब्लड सर्कुलेशन
अगर आप पेन किलर का अधिक सेवन करती हैं, तो यह खून की मात्रा को कम कर देता है। जब किडनी तक ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं हो पाता है तो किडनी को सही तरीके से काम करने में परेशानी होती है।
किडनी के फिल्टर को पहुंचता है नुकसान
अधिक पेन किलर खाने से किडनी के अंदर बहुत छोटे-छोटे फिल्टर होते हैं, जिन्हें नेफ्रॉन कहा जाता है। ऐसे में अगर आप लंबे समय से पेन किलर ले रही हैं, तो इससे फिल्टर को नुकसान पहुंच सकता है। यह धीरे-धीरे किडनी की क्षमता को कम करता है।
किडनी फेल होने का बढ़ जाता है खतरा
अगर आप हर एक दर्द में पेन किलर लेते हैं, तो आपको इससे किडनी फैल होने का खतरा बढ़ सकता है। इसको एक्यूट किडनी इंजरी कहा जाता है।
किन लोगों के लिए खतरनाक है पेन किलर
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, पेन किलर का असर काफी खतरनाक हो सकता है। जैसे कि बुजुर्गों में, डायबिटीज के मरीज, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग या जो पहले से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं, इन लोगों को पेन किलर नहीं लेना चाहिए। यह इनके लिए काफी खतरनाक है।
दर्द हो तब क्या करें?
अक्सर लोग हल्के सिरदर्द, पीरियड्स के दर्द या मांसपेशियों में होने वाले दर्द में तुरंत पेन किलर खा लेते हैं। हालांकि हर बार दवा लेने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि दर्द किस वजह से हो रहा है। यदि दर्द बार-बार हो रहा है या ज्यादा बढ़ जाए, तो खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
- ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर के सलाह के बार-बार पेन किलर न लें।
- अगर दवा लेनी पड़े, तो कभी कभार ही लें।
- दिनभर चार से पांच लीटर पानी जरुर पिएं।
- हेल्दी डाइट लें।
- समय-समय पर टेस्ट करवाएं।