By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 17, 2020
नयी दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कराची में जन्मे मोहम्मद बशीर बोजाई ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रतियोगिताओं में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले के लिए नहीं जाने का फैसला किया है। चाचा शिकागो के नाम से मशहूर बशीर के लिए दुनिया भर में इन चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों को खेलते हुए देखने का अब कोई मतलब नहीं है। बशीर को धोनी की हौसलाअफजाई के दौरान पाकिस्तानी समर्थकों की अभद्र टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा। बशीर इसकी जगह अब रांची में धोनी से मिलने की योजना बना रहे हैं। बशीर शिकागो में रेस्टोरेंट चलाते हैं और उन्होंने वहां से कहा, ‘‘धोनी ने संन्यास ले लिया है और मैंने भी। उसके नहीं खेलने के कारण मुझे नहीं लगता कि अब मैं क्रिकेट देखने के लिए दोबारा यात्रा करूंगा। मैं उससे प्यार करता हूं और बदले में उसने मुझे वापस प्यार दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी महान खिलाड़ियों को एक दिन संन्यास लेना होता है लेकिन उसके संन्यास ने मुझे दुखी कर दिया। वह शानदार विदाई का हकदार था लेकिन वह इससे कहीं बढ़कर है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ मौकों पर मुझे उसके साथ बात करने का कुछ मौका मिला लेकिन 2019 (आईसीसी क्रिकेट विश्व कप) में हम अधिक बात नहीं कर पाए। लेकिन हमेशा की तरह उन्होंने मेरे लिए टिकट का इंतजाम किया।’’ बशीर ने कहा, ‘‘2018 एशिया कप के दौरान वह मुझे अपने कमरे में ले गए और मुझे अपनी जर्सी दी। यह विशेष था, उन दो बार की तरह जब उसने मझे अपना बल्ला दिया था।’’ धोनी से जुड़े सबसे यादगार पल के बारे में पूछने पर बशीर ने बताया, ‘‘2015 विश्व कप की इस घटना को मैं कभी नहीं भूल सकता। मैं सिडनी में मैच देखने के लिए पहुंचा था और धूप में बैठा था, काफी अधिक गर्मी थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तभी अचानक सुरेश रैना आया और मुझे सनग्लास दिए। उसने कहा कि यह धोनी भाई ने दिए हैं, मैंने नहीं। मैं उसे देखकर मुस्कुरा दिया।’’ धोनी के प्रति प्यार के कारण बशीर खुले दिल से भारत की हौसलाअफजाई करते हैं और इसके लिए उन्हें कभी कभी पाकिस्तान प्रशंसकों की अभद्रता का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया, ‘‘एक बार बर्मिंघम में पाकिस्तानी प्रशंसकों ने मुझ पर काफी अपमानजनक टिप्पणियां की और मुझे गद्दार तक कहा। मुझे इन चीजों की अनदेखी करनी होती है। मैं दोनों देशों से प्यार करता हूं और वैसे भी मानवता पहले आती है।