By अभिनय आकाश | Nov 03, 2026
भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते बंद होने से पाकिस्तान को करीब 40 अरब अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह दावा पाक भारत बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन नूर मोहम्मद कसूरी ने किया है। उन्होंने दोनों देशों से व्यापारिक संबंध फिर से शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान के उद्योगों को राहत मिलेगी और दोनों देशों के कारोबार को फायदा होगा। कसूरी के मुताबिक 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा और द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लग गई। इसके बाद पाकिस्तानी कारोबारियों को भारत से मिलने वाले कच्चे माल और अन्य जरूरी सामान के लिए ब्राजील, चीन, मिस्र और अमेरिका जैसे दूर के बाजारों पर निर्भर होना पड़ा। इससे परिवहन और माल ढुलाई का खर्च बढ़ा और सामान की आपूर्ति में भी ज्यादा समय लगने लगा।
पाकिस्तान के कपड़ा उद्योग की चुनौतियों पर चिंता जताते हुए कसूरी ने कहा कि पारंपरिक रूप से कपास उगाने वाले क्षेत्रों में किसान अब गन्ने की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इससे घरेलू कपास उत्पादन प्रभावित हो रहा है और टेक्सटाइल उद्योग पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कृषि नीतियां बनाने की मांग की। उनके मुताबिक घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ भारत के साथ व्यापार बहाल होने से पाकिस्तान के उद्योगों को राहत मिल सकती है। कसूरी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बहाल होने से केवल उद्योगों को ही फायदा नहीं होगा बल्कि निवेश, पर्यटन और क्षेत्रीय सहयोग के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। उन्होंने खासतौर पर भारतीय पर्यटकों का जिक्र किया जो पाकिस्तान में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के अलावा अपने पूर्वजों के घरों और गांवों को देखने जाना चाहते हैं। उन्होंने श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान भारत की ओर से दी गई मदद का उदाहरण देते हुए कहा कि पड़ोसी देश मुश्किल वक्त में एक दूसरे के काम आ सकते हैं। कसूरी ने जोर दिया कि राजनीतिक मतभेदों के कारण दोनों देशों को आर्थिक अवसरों से दूर नहीं रहना चाहिए। उनके मुताबिक लंबित विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते बेहतर संबंधों की नींव बन सकते हैं।