By अभिनय आकाश | Jul 09, 2025
हिंदुस्तान के वॉटर बम से पाकिस्तान के अंदर कहर मचा हुआ है। वहां के अधिकारी चेतावनी पर चेतावनी जारी कर रहे हैं। करें भी क्यों न भला क्योंकि पंजाब का इलाका जलमग्न हो गया है। उन नदियों के पानी को भी हिंदुस्तान ने छोड़ना शुरू कर दिया जहां के पानी को हम रोक दिया करते थे। सतलुज, व्यास, रावी सभी नदियों का पानी पाकिस्तान जा रहा है। वहां से आने वाली खबरें डराने वाली हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान में दस दिनों तक हुई भारी मानसूनी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई और 130 से अधिक लोग घायल हो गए। पिछले महीने उत्तर-पश्चिम में स्वात नदी में एक ही परिवार के 17 पर्यटकों के बह जाने के बाद से आपातकालीन सेवाएँ पूरी तरह सतर्क हैं। चार को बचा लिया गया और बाकी 13 के शव बाद में बरामद किए गए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे 2022 की विनाशकारी बाढ़ जैसे चरम मौसम की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं कर सकते हैं, जब एक समय बारिश ने देश के एक तिहाई हिस्से को जलमग्न कर दिया था, जिससे 1,737 लोग मारे गए थे। यानी पाकिस्तान में 2022 वाली स्थिति पैदा हो रही है। बारिश तो हो ही रही है, गेट भी खोल दिया गया है। वहां के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि पंजाब के ऊपर इस बार कहर बरसने वाला है। नोटिस में कहा गया है कि पंजाब की नदियों के पानी को फरीदकोट के पास रोक लेते हैं।
सिंधु जल संधि के तहत इन तीनों नदियों पर भारत का एकाधिकार है। हम डैम से पानी रोककर इसे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली हर तरफ भेजते रहते हैं। लेकिन अभी बारिश इधर भी हो रही है। हमने गेट खोल दिया। लेकिन पहले की तरह कोई सूचना नहीं दी गई। खबर ये भी आ रही है कि सलार और बग्लिहार डैम के गेट फिर से खोल दिए गए। लगातार पानी आ रहा है। चिनाब नदी के ऊपर 80 फीसदी पानी को हम रोक नहीं सकते। लेकिन भारत ने इस करार को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। पहले हिंदुस्तान की तरफ से करार के तहत जब भी गेट खोला जाता था तो इसकी सूचना पाकिस्तान को दी जाती थी। अब कोई सूचना नहीं दी जा रही है।