By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 14, 2026
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 14 सितंबर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संघीय राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पूरे प्रांत में 17 सितंबर तक सभी प्रकार की सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर प्रस्तावित विरोध मार्च के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते सोमवार से पंजाब के 13 शहरों का दौरा करने की घोषणा की थी। पंजाब के गृह विभाग ने रविवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत पूरे प्रांत में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर 17 सितंबर तक रोक लगा दी।
प्रदर्शन से पहले मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर अवरोधक लगाने के लिए मालवाहक कंटेनर रखे गए हैं। समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार, संघीय सरकार ने इस्लामाबाद की सुरक्षा के लिए पंजाब से 15,000 पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने को भी कहा है। सिंध से 8,000 और बलूचिस्तान से 500 पुलिसकर्मी बुलाए जाएंगे।
इस तरह कुल 23,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती 20 सितंबर तक किए जाने की योजना है। डॉन’ के अनुसार, रावलपिंडी के पुलिस प्रमुख हसन मुश्ताक सुखेरा ने वास्तविक आपात स्थिति को छोड़कर सभी पुलिस अधिकारियों की अक्टूबर तक छुट्टियां रद्द कर दी हैं। जिला प्राधिकारियों ने लोक व्यवस्था बनाए रखने संबंधी कानून की धारा तीन के तहत पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लेने के आदेश भी जारी किए हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने लाहौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस्लामाबाद में ‘‘हथियारबंद समर्थकों’’ को लाने की योजना बना रहा है। प्रधानमंत्री के सहयोगी ने यह भी चेतावनी दी कि आतंकवादी इस रैली का फायदा उठाकर जनता और सरकार के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन अंततः विफल हो जाएगा।
पीटीआई की पंजाब इकाई के सूचना सचिव शौकत बसरा ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूरे प्रांत में छापेमारी के दौरान महिलाओं समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री अफरीदी ने खान की पार्टी के एक कार्यकर्ता की मौत के बाद पंजाब के अपने प्रस्तावित दौरे में बदलाव का संकेत दिया।
यह दौरा मियांवाली से शुरू होना था।