By अभिनय आकाश | Apr 07, 2025
अमेरिका के जवाबी शुल्क को लेकर चिंता के बीच भारत समेत दुनिया भर के बाजारों में बड़ी गिरावट आई। स्थानीय शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 2,226.79 अंक का गोता लगा गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 743 अंक लुढ़क गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क बढ़ाये जाने और चीन के जवाबी कदम से आर्थिक नरमी की आशंका के बीच बाजार में गिरावट आई है। भारत इस बात से संतुष्ट है कि वह अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने वाले पहले देशों में से एक है। ट्रंप ने अपने टैरिफ आदेश में एक जगह लिखा है कि उन व्यापारिक साझेदारों को राहत दी जा सकती है जो असंतुलित व्यापार घाटा को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे और इसे ही पीएम मोदी की सरकार भुनाना चाहती है।
पाकिस्तान इस चुनौती का समाधान निकालने के लिए पाकिस्तान एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) को वाशिंगटन भेजने की योजना बना रहा है। वित्त मंत्री औरंगजेब ने बताया कि प्रधानमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद, यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका में पाकिस्तान का पक्ष रखने और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की कोशिश करेगा। आरिफ हबीब सिक्योरिटीज की वित्तीय विश्लेषक उज्मा खान ने कहा कि स्वचालित ‘सर्किट ब्रेकर’ (कारोबार की उच्चतम या निम्नतम सीमा जिससे आगे घटने या बढ़ने पर एक निश्चित समय तक कारोबार रोक दिया जाता है) घबराहटपूर्ण बिकवाली को रोकने और निवेशकों को अत्यधिक बाजार अस्थिरता के दौरान पुनर्मूल्यांकन करने का समय देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निवेशक अमेरिका के शुल्क और अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं द्वारा जवाबी कार्रवाई के कारण वैश्विक मंदी को लेकर चिंतित हैं।