By अंकित सिंह | Jan 27, 2026
पाकिस्तान क्रिकेट टीम द्वारा 2026 टी20 विश्व कप का बहिष्कार करने या भारत के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से हटने की संभावना कम ही है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को तब से असमंजस में डाल रखा है जब उसने इस बड़े आयोजन में भाग लेने की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। विश्व कप में बांग्लादेश की जगह आईसीसी द्वारा लिए जाने के बाद पीसीबी बेहद नाराज था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने सुरक्षा चिंताओं के कारण आईसीसी से अपने मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में आयोजित करने का अनुरोध किया था, लेकिन आईसीसी को उनकी मांग स्वीकार करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिला, और जब बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा रहा, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने नकवी से कहा कि पाकिस्तान को बांग्लादेश को हर संभव मदद देनी चाहिए जिसे हाल में सात फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री को कई स्थितियों के बारे में बताया गया जिसमें पाकिस्तान का विश्व कप के लिए अपनी टीम नहीं भेजना या टूर्नामेंट में हिस्सा लेना लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करना शामिल है। पीसीबी ने पहले कहा था कि बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद बदलती स्थिति को देखते हुए सरकार ही इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी पर आखिरी फैसला लेगी।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी ने पीसीबी को टी20 विश्व कप से हटने पर होने वाले गंभीर परिणामों से अवगत करा दिया है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान पर द्विपक्षीय श्रृंखलाओं और एशिया कप व विश्व कप सहित बहुराष्ट्रीय आयोजनों में खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। आईसीसी अन्य बोर्डों को भी सलाह देगा कि वे पाकिस्तान सुपर लीग में खेलने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को एनओसी जारी करना बंद कर दें। इस बीच, अगर पाकिस्तान टी20 विश्व कप से हट जाता है, तो आईसीसी उसकी जगह बांग्लादेश को शामिल करेगा। पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं, और उनके हटने से बांग्लादेश की सभी चिंताएं दूर हो जाएंगी। सूत्रों के अनुसार अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है, तो बांग्लादेश को ग्रुप ए में उनकी जगह लेने और बीसीबी के मूल अनुरोध के अनुसार श्रीलंका में अपने सभी मैच खेलने का अवसर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से रसद संबंधी सीमित चुनौतियां ही उत्पन्न होंगी।