By रेनू तिवारी | May 04, 2026
उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यस्त बाजार क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार युवकों द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तान के पक्ष में नारेबाजी की गई। इस घटना के बाद सदर बाजार इलाके में दहशत फैल गई और सुरक्षा के लिहाज से दुकानदारों को अपनी दुकानें आंशिक रूप से बंद करनी पड़ीं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
‘‘आई लव मोहम्मद’’ पोस्टर पर विवाद के बाद एक दिन पहले 26 सितंबर को बरेली में हिंसक झड़पें हुई थीं जिसके बाद से रजा जेल में हैं। पुलिस ने कहा कि घटना के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और अब तक लगभग 14 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। शिकायत के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दो नामित आरोपियों और कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कैंटोनमेंट थाना के इंस्पेक्टर संजय धीर ने कहा कि कई स्थानों पर रात भर छापेमारी के बाद दो नाबालिगों सहित छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद काशिफ के आवास पर छापेमारी की गई, लेकिन वह फरार पाया गया। काशिफ के समर्थकों के जमा होने के बाद हिंसा भड़क गई, इस दौरान भीड़ ने कथित तौर पर पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिस ने कहा कि घटना में शामिल पाए गए सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय निवासी विकास द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वह रविवार दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट एक कंप्यूटर की दुकान के पास खड़ा था, तभी मोटरसाइकिलों पर क्रिकेट बैट लेकर युवाओं का एक समूह नारे लगाते हुए गली से गुजरा।
विकास ने बताया कि जब उसने विरोध किया, तो उन्होंने कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया, उससे मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) मानुष पारीक ने कहा कि सोमवार सुबह से छावनी क्षेत्र में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है और कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।