जयललिता की पार्टी के सर्वेसर्वा होंगे पलानीस्वामी, पन्नीरसेल्वम पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित

By अंकित सिंह | Jul 11, 2022

दो गुटों में संग्राम के बीच जे जयललिता की पार्टी AIADMK के सर्वे सर्वा होंगे पूर्व मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी। आज कार्यकारी समिति और आम परिषद की बैठक हुई है। इस बैठक में पलानीस्वामी को अंतरिम महासचिव निर्वाचित किया गया है और उन्हें संगठन चलाने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। इसके साथ ही इस बैठक में AIADMK ने समन्वय और संयुक्त समन्वयक पद को समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव पारित कर दिया है। ये दोनों पद क्रमश: ओ पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी के पास थे। इसमें कई नियमोंमें भी संशोधन किए गए जिनमें पार्टी के शीर्ष पद महासचिव का चुनाव लड़ने के लिए कुछ नए नियम और पूर्व अनुमतियां शामिल हैं। बैठक में कुल मिलाकर 16 प्रस्ताव अंगीकार किए गए। पन्नीरसेल्वम पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं लेकिन पूर्व मंत्री एवं पार्टी के वरिष्ट नेता सी विजयभास्कर ने पार्टी के वित्त से जुड़े ब्योरे पेश किए, जिनसे संकेत मिलते हैं कि पन्नीरसेल्वम को जल्द ही पदमुक्त किया जा सकता है।

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इस अवसर पर ई पलानीस्वामी ने कहा कि द्रमुक को स्टालिन के साथ सीएम के रूप में सरकार बनाए 1 साल हो गए हैं। उन्होंने राज्य के लिए क्या किया है? कानून-व्यवस्था के मुद्दे, हर जगह नशा...युवा गलत रास्ते पर हैं। उन्होंने कहा कि भारत में, अन्नाद्रमुक एकमात्र ऐसी पार्टी है जो लोकतांत्रिक तरीके से काम कर रही है...मेरे ईमानदार कार्यों को देखकर जयललिता ने मुझे हाईवे और पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग दिए। एक मंत्री के रूप में, मैंने लोगों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। अब सीएम स्टालिन अपने स्टिकर चिपकाकर उन योजनाओं का उपयोग कर रहे हैं। ई पलानीस्वामी ने कहा कि हमने पार्टी मुख्यालय के लिए सुरक्षा मांगी थी। हमारी शिकायत के बावजूद पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी। आज, सीएम एमके स्टालिन और ओपीएस ने मिलकर अन्नाद्रमुक (कार्यालय) को नष्ट करने की योजना बनाई। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। 

अन्नाद्रमुक की बैठक के बाद राज्य के पूर्व मंत्री कदंबूर राजू ने कहा कि हम तब तक आराम नहीं करेंगे जब तक हम ई पलानीस्वामी को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री नहीं बना देते। उन्होंने कहा कि ओ पन्नीरसेल्वम का दोहरा चेहरा है। वह नहीं चाहते कि किसी की जिंदगी अच्छी हो। वह ईर्ष्यालु है... मेरे अनुभव से ऐसा कह रहा है। मुझे खुशी है कि वह अब बाहर हैं। इससे पहले मद्रास उच्च न्यायालय ने अदालत के राजनीतिक दल के झगड़े में हस्तक्षेप नहीं करने की बात पर बरकरार रहते हुए अन्नाद्रमुक नेता एवं पूर्व समन्वयक ओ. पनीरसेल्वम (ओपीएस) की आम परिषद की बैठक के संचालन पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी थी। न्यायाधीश ने कहा कि कानून के अनुसार बैठक की जा सकती है।

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