By अनन्या मिश्रा | Jul 10, 2026
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार लेना जरूरी होता है। वहीं जब बात महिलाओं की सेहत की हो, तो यह और भी जरूरी हो जाता है। आजकल की आधुनिक लाइफस्टाइल की वजह से अक्सर महिलाएं संतुलित भोजन नहीं ले पाती हैं। जिस कारण महिलाओं में मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, फाइबर और ओमेगा-2 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।
अलसी के बीज फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिग्नान का अच्छा स्रोत माने जाते हैं।
नियमित और संतुलित मात्रा में इसके सेवन से हृदय की सेहत और पाचन में लाभ मिलता है।
वहीं कुछ अध्ययनों में इसको हार्मोन संबंधी समस्याओं को कम करने वाला भी माना गया है।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में दिल संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इनके सेवन से इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
महिलाओं को अपनी डाइट में कद्दू के बीज भी जरूर शामिल करना चाहिए।
कद्दू के बीजों में जिंक, मैग्नीशियम, आयरन और हेल्दी फैट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।
कद्दू के बीच में मैग्नीशियम होता है, जोकि मांशपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कार्य में अहम भूमिका निभाता है।
जिन महिलाओं में एनीमिया का खतरा या आयरन की कमी होती है, उनको कद्दू के बीज का सेवन करना चाहिए।
महिलाओं को चिया सीड्स अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
चिया सीड्स प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर होता है।
फाइबर की ज्यादा मात्रा पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने और पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकती है।
चिया सीड्स में कैल्शियम और मैग्नीशियम भी पाया जाता है, यह हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी होता है।
सूरजमुखी के बीज में हेल्दी फैट, विटामिन ई और सेलेनियम पाया जाता है।
विटामिन ई एक एंटी-ऑक्सीडेंट्स है, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायता करता है।
सूरजमुखी के बीज में फाइबर और प्रोटीन भी पाया जाता है।
इसके तेल के सेवन से दिल हेल्दी रहता है।