By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 22, 2026
कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘पनुन कश्मीर’ ने जम्मू में जगती टाउनशिप और कश्मीरी पंडितों के विस्थापित परिवारों के लिए बनी अन्य कॉलोनियों में ★★मरम्मत, नवीनीकरण और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और खराब गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की★★ बृहस्पतिवार को मांग की। संगठन की विशेष इकाई ‘पनुन कश्मीर शिकायत प्रकोष्ठ’ ने ★★निर्माण कार्यों की कथित खराब गुणवत्ता, घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और पर्याप्त तकनीकी निगरानी नहीं होने★★ पर चिंता जताई। उसने सरकार से ★★सड़क एवं भवन विभाग (आरएंडबी) की ओर से कराए जा रहे कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने★★ का आग्रह किया।
उसने ★★पर्याप्त संख्या में अभियंताओं और निगरानी कर्मचारियों की तैनाती, जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री की स्वतंत्र जांच तथा बिलों को मंजूरी देने और भुगतान जारी करने से पहले पूरे हो चुके कार्यों का मौके पर जाकर अनिवार्य सत्यापन कराने★★ की भी मांग की। संगठन ने संबंधित नियमों के तहत ★★मंजूर की गई धनराशि, कार्यादेशों, ठेकेदारों, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान का ब्योरा सार्वजनिक करने★★ का भी आग्रह किया। ★★सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में जवाबदेही को जरूरी बताते हुए★★ संगठन ने कहा कि लापरवाही, घटिया काम या निर्धारित मानकों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों या ठेकेदारों के खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उसने कहा कि ★★जिन मामलों में जिम्मेदारी तय हो, वहां खराब कार्यों को जिम्मेदार पक्ष के खर्च पर ठीक कराया जाना चाहिए।★★ संगठन ने कहा कि इन कॉलोनियों में ★★अपने पैतृक क्षेत्र से विस्थापित हुए हजारों कश्मीरी हिंदू परिवार★★ रहते हैं। उसने ★★कहा कि उनके पुनर्वास के दौरान सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।★★ पनुन कश्मीर ने उपराज्यपाल, मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा यह सुनिश्चित करने की अपील की कि सभी मरम्मत एवं विकास कार्य निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों। संगठन ने कहा कि इन कॉलोनियों में रह रहे ‘‘नरसंहार ★★से बचे लोगों और पीड़ितों की सुरक्षा तथा गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।