By अभिनय आकाश | Oct 22, 2026
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने राजनीतिक अनिश्चितता और अस्थिरता के इस दौर में भारत को आशा की किरण बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि नई दिल्ली और वारसॉ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे तथा कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करेंगे। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ मौजूद टस्क ने कहा कि पोलैंड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका को मानता है और वैश्विक मामलों में भारतीय प्रधानमंत्री के योगदान की सराहना करता है। टस्क ने कहा कि हम वैश्विक संदर्भ में आपके, यानी प्रधानमंत्री के वैश्विक योगदान का सम्मान करते हैं और उसकी सराहना करते हैं। अस्थिरता, राजनीतिक अनिश्चितता और डांवाडोल हालात के इस दौर में यह उम्मीद की एक किरण है। भारत जैसे शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री के रूप में आप हम सभी के लिए उम्मीद की एक मिसाल हैं। पोलैंड के इस नेता ने मोदी के साथ अपने निजी संबंधों का भी गर्मजोशी से जिक्र किया और कहा प्रधानमंत्री जी, मुझे सचमुच बहुत गर्व है कि मैं खुद को आपका दोस्त कह सकता हूँ।
टस्क ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। यह साझेदारी अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान स्थापित की गई थी। टस्क ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सार्थक चर्चा की है कि कैसे पोलैंड और भारत अपनी रणनीतिक साझेदारी को विकसित और मजबूत कर सकते हैं। इस साझेदारी को बनाने का फैसला अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान लिया गया था। आज, हमने प्रधानमंत्री के साथ मिलकर इसके शुरुआती नतीजों का जायजा लिया और सहयोग के मामले में आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं को तय करने पर जोर दिया।
पोलिश प्रतिनिधिमंडल अपने साथ व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को लाया है। टस्क ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-पोलैंड साझेदारी में आर्थिक जुड़ाव मुख्य केंद्र बना रहेगा। उन्होंने बताया कि उनके प्रतिनिधिमंडल में पोलिश कंपनियों और व्यावसायिक साझेदारियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के आपसी संबंधों के इतिहास में अपनी तरह की सबसे बड़ी यात्रा बताया।
उन्होंने कहा पोलैंड और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की नींव अर्थव्यवस्था और हमारे आर्थिक संबंध हैं। यही कारण है कि हमारी बैठकों के साथ-साथ पोलिश और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों की भी बैठकें होंगी। मेरे प्रतिनिधिमंडल में पोलिश कंपनियों और व्यावसायिक साझेदारियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। हमारे संबंधों के इतिहास में यह अपनी तरह की सबसे बड़ी यात्रा है। दोनों देश खनन, कोयला गैसीकरण, शिपयार्ड और जहाज निर्माण जैसे स्थापित उद्योगों में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं, साथ ही वे उन्नत और उभरती हुई तकनीकों में भी नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं।