By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
प्रयागराज (उप्र), चार अगस्त पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज की एक अदालत में मंगलवार को एक आपराधिक वाद दर्ज किया गया और अदालत ने उन्हें 11 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधि विभाग के प्रदेश सह-संयोजक सुशील कुमार मिश्रा की ओर से दाखिल शिकायत पर मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जनपद अदालत, प्रयागराज ने संसद भवन के परिसर में पप्पू यादव द्वारा साधु संतों की वेषभूषा में चंदा चोरी का नाटक करने के मामले को संज्ञान में लिया है। मिश्रा ने कहा कि संसद भवन परिसर में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दान से जुड़ी कथित चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव ने साधु-संतों की वेशभूषा धारण करके एक प्रतीकात्मक अभिनय किया था।
उन्होंने अदालत में कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि से संबंधित कथित चोरी की घटना को आधार बनाकर संसद परिसर में ऐसा अभिनय किया गया जिसमें साधु-संतों और मंदिर के पुजारियों को अपमानजनक रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि इस कृत्य का उद्देश्य सनातन धर्म और हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना था। मिश्रा ने अदालत से अनुरोध किया कि सांसद पप्पू यादव को तलब करके उनके खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
अदालत ने शिकायत पर सुनवाई के बाद सांसद को 11 अगस्त को उपस्थित होने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि यह मामला उस प्रदर्शन से जुड़ा है जिसमें विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर के दान से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर संसद परिसर में प्रतीकात्मक ‘नाटक’ किया था। मीडिया की खबरों के अनुसार, इस दौरान पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर मंदिर के पुजारी का रूप धारण किया और उस दौरान जब कई नेता उस ‘दान पेटी’ में पैसे डालने के लिए आए तो पप्पू यादव ने पैसे अपनी जेब में डाल लिये और यह दर्शाने का प्रयास किया कि इसी तरह से राम मंदिर के चढ़ावे को चुराया गया था।
विपक्षी नेताओं ने इसे मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन बताया था।