जीरो कोरोना केस या वैक्सीन लगने तक बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहते पैरंट्स!

By निधि अविनाश | Jun 23, 2021

देश में कोरोना के मामलों में तेजी से गिरावट आई है जिसको देखते हुए सरकार ने भी कुछ ढील के साथ दुकानों और कार्यालय को खोलने के निर्देश दे दिए है। वहीं स्कूल खुलने चाहिए या नहीं इसको लेकर सरकार अभी कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहती है वहीं माता-पिता भी अभी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के नाम से कतरा रही है। आपको बता दें कि सरकार बच्चो के कोरोना वैक्सीन को लेकर ट्रायल भी शुरू कर चुकी है। भारत का भारत बायोटेक कोवैक्सीन और नाक से लेने वाली सिंगल डोज वैक्सीन का बच्चों पर ट्रायल किया जा रहा है। भारत बायोटेक के साथ-साथ जायडस भी 12 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाली कोरोना की तीसरी लहर सबसे ज्यादा बच्चों को ही प्रभावित कर सकता है। इसको देखते हुए सीरम भी बच्चो के कोरोना वैक्सीन के लिए नोवावैक्स टीके का जल्द ही ट्रायल  शुरू करने वाली है। 

लोकल सर्कल्स सर्वे के मुताबिक, अगर कोरोना से हालात काबू भी पा लिया जाता है तब भी कई पैरंट्स अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। स्कूल खोलने को लेकर मार्च 2020 से अब तक 6 सर्वे में 69 फीसदी पैरंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार थे लेकिन अब इस साल कोरोना की दूसरी लहर से बिगड़े हालात को देखते हुए अब केवल  20 फीसदी पैरंट्स  ऐसे है जो अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहते है वहीं 65 फीसदी पैरंट्स का कहना है कि, वैक्सीन जब तक उपलब्ध नहीं हो जाती और बच्चो को टीका लग नहीं जाता तब तक स्कूल नहीं भेजेंगे।

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