By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 10, 2021
नयी दिल्ली। राज्यसभा ने बुधवार को माध्यस्थम और सुलह संशोधन विधेयक 2021 को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें भारत को अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने की बात कही गई है। उच्च सदन ने हंगामे के बीच संक्षिप्त चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी। सदन में उस समय कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे थे। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुए विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मामलों में उनकी सरकार का सख्त रुख है और वह ईमानदारी से भारत को अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता का केंद्र बनाना चाहती है।
इसके अनुसार उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए माध्यस्थम और सुलह अधिनियम 1996 का और संशोधन करना आवश्यक हो गया। संसद सत्र में नहीं था और तत्काल उस अधिनियम में और संशोधन करना जरूरी हो गया था। ऐसे में 4 नवंबर 2020 को माध्यस्थम और सुलह संशोधन अध्यादेश 2020 को लागू किया गया था। वर्तमान विधेयक कानून बनने के बाद उपरोक्त अध्यादेश का स्थान लेगा।