Parliament Diary। भारी हंगामे के बीच पेश हुआ बाल विवाह निषेध संशोधन बिल, विपक्षी दलों का हल्ला बोल जारी

By अनुराग गुप्ता | Dec 21, 2021

संसद का शीतकालीन सत्र अब समापान की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में विपक्ष लखीमपुर खीरी मामले को लेकर लामबंद हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सदस्यों ने अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग करते हुए महात्मा गांधी की प्रतिमा से लेकर विजय चौक तक मार्च निकाला। वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार बचे हुए विधेयकों को जल्द से जल्द पास करवाने में जुटी हुई है। इसी क्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक 2021 पेश किया। जिसमें लड़कियों के विवाह की न्यूनतम कानूनी आयु को 18 साल से बढ़ाकर पुरुषों के बराबर 21 साल करने का प्रस्ताव है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लखीमपुर खीरी मामले को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग करते हुए मार्च निकाला। इस मार्च के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर विपक्षी दल अजय मिश्रा का मामला उठा रहे हैं। हमने बार-बार कहा है कि एक मंत्री के बेटे ने किसानों को मारा है, जीप से कुचला है। रिपोर्ट आई है कि यह एक साजिश थी। प्रधानमंत्री अपने इस मंत्री के बारे में कुछ नहीं कहते हैं।लोकसभा की कार्यवाहीसरकार ने लोकसभा में कहा कि कानूनों के अंतर्गत राष्ट्र विरोधी शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन आपातकाल के दौरान सबसे पहले साल 1976 में संविधान में इसे शामिल किया गया और फिर एक साल बाद हटा भी दिया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। दरअसल, ओवैसी ने सवाल किया था कि क्या उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित अपराधों से निपटने के लिए कोई दिशानिर्देश तय किए हैं ? 

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लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बाल विवाह निषेध संशोधन विधेयक 2021 पेश किया गया। जिसका कांग्रेस, टीएमसी, एनसीपी, डीएमके, शिवसेना जैसे कई दलों ने विरोध किया और फिर विधेयक को व्यापक विचार विमर्श के लिए संसद की स्थायी समिति को भेजने की मांग की। जिस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि विपक्षी दलों के सदस्य अगर थोड़ा इंतजार करते और उनकी बात सुनते तो उन्हें पता चल जाता कि वह स्वयं ही सरकार की ओर से इस विधेयक को स्थायी समिति को भेजने का प्रस्ताव कर रही हैं ताकि इस पर विस्तृत चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि सभी धर्म, जाति एवं समुदाय में महिलाओं को विवाह की दृष्टि से समानता का अधिकार मिलना चाहिए। लड़कियों और लड़कों के विवाह की आयु एक समान 21 वर्ष होनी चाहिए। इस दौरान सदन में हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा की कार्यवाहीसंसद में विपक्षी सदस्यों के भारी विरोध के बीच निर्वाचन विधि (संशोधन) विधेयक, 2021 को पारित कर दिया गया। विधेयक में मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदाता पहचान कार्ड और सूची को आधार कार्ड से जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है। राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के भारी विरोध के बीच इस विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। जबकि विपक्षी सदस्य विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग कर रहे थे। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।

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