Sansad Diary: फिर हंगामे की भेंट चढ़ी लोकसभा की कार्यवाही, राज्यसभा में बजट पर चर्चा

By अंकित सिंह | Feb 09, 2026

सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी की इस मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ था कि केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले उन्हें बोलने की अनुमति दी जाए। इस बीच, राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा शुरू हो चुकी है। पिछले सप्ताह, लोकसभा ने प्रधानमंत्री के पारंपरिक उत्तर के बिना, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ-साथ सदन द्वारा विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपना भाषण देने की अनुमति न दिए जाने के विरोध में विपक्ष के मुखर विरोध के बीच, ध्वनि मत से धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। वहीं, संसद के दोनों सदनों में पिछले सप्ताह शुक्रवार को अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम को सोमवार को बधाई दी गई। 

 

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लोकसभा की कार्यवाही

लोकसभा में बजट पर चर्चा से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अन्य विषय पर आसन से बोलने की अनुमति नहीं मिलने के बीच कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें बजट पर चर्चा शुरू करने से पहले अपनी बात रखने की अनुमति देने का वादा किया है, वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस नेता की बात शत-प्रतिशत सही नहीं है और अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता से कहा था कि पहले वह विषय बताएं जो वह सदन में उठाना चाहते हैं।


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कुछ अन्य विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाक़ात की और उन्हें उन मुद्दों से अवगत कराया जिन्हें वे सदन में उठाना चाहते हैं। यह बैठक कुछ ही मिनट चली। यह उस समय हुई जब लोकसभा में बजट पर चर्चा से पहले राहुल गांधी को अन्य विषय पर आसन से बोलने की अनुमति नहीं मिलने के बीच कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। 


कांग्रेस ने विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की तैयारी संबंधी खबरों को लेकर सोमवार को कहा कि ‘कार्रवाई का इंतजार कीजिए।’ पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि अब सदन में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं रह गई है। 



राज्यसभा की कार्यवाही

राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने घटते पूंजीगत व्यय पर चिंता जताते हुए कहा कि आम बजट 2026-27 में इसे बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया गया है तथा यह एक ऐसा बजट है जिसे भुला दिया जाना चाहिए। उच्च सदन में चिदंबरम ने बजट 2026-27 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार ने पूंजीगत व्यय में कटौती है।  कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बजट में आवंटित धन पर सवाल उठाते हुए रक्षा, विज्ञान, सामाजिक कल्याण और शहरी विकास में कटौती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं की घोषणा की गई, लेकिन उनका आवंटन कम था या घोषित ही नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह बजट सतर्क, कंजूस और बीते साल की अनदेखी करने वाला है, और यह जल्द ही गायब हो जाएगा।


राज्यसभा में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति न मिलने के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। उच्च सदन में जब शून्यकाल समाप्त हुआ और प्रश्नकाल शुरू हुआ तब कांग्रेस सदस्य खरगे ने अपनी बात रखनी चाही। आसन से स्वीकृति मिलने पर खरगे ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा, इन दोनों सदनों को मिला कर संसद बनती है और संविधान का पालन सबको करना होता है। 


राज्यसभा में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए उसे आगाह किया कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) लागू करने का जो प्रयास कर रही है, वह उस पर उलटा पड़ेगा। 

 

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राज्यसभा में सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम के सदस्य तिरुचि शिवा ने कहा कि उन्होंने मौजूदा संसद सत्र के दौरान, भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विवरण सदन के बाहर देने को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर शिवा ने यह मुद्दा उठाया। 



भाजपा सांसद अरुण सिंह का कहना है कि पिछले एक साल में बजट तीन गुना बढ़ गया है। वे महंगाई पर नियंत्रण का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हैं। वे यह भी बताते हैं कि गरीब लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए भारी बजट आवंटित किया गया है। वे कृषि ऋण माफी की बात करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों को हस्तांतरित की जाए। उनका कहना है कि अनाज और बागवानी का उत्पादन बढ़ा है।

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