Parliament Diary: हंगामेदार रहा पहला दिन, नहीं हो सका कामकाज, मोदी ने विपक्ष को धोया

By अंकित सिंह | Nov 25, 2024

संसद के शीतकालीन सत्र का आज से आगाज हुआ है। हालांकि आगाज शोर शराबे वाला रहा। आज दोनों सदनों में जबरदस्त तरीके से विपक्ष ने हंगामा किया जिसके बाद दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा है। 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र चलेगा। यह सत्र काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। बताया जा रहा है कि सत्र में विचार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक सहित 16 विधेयकों की सूची तैयार की गई है। साथ ही साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों को इस सत्र के दौरान पारित करने की कोशिश की जाएगी। मंगलवार को दोनों सदनों में कार्यवाही नहीं हो सकेगी क्योंकि संविधान दिवस है और इसपर स्पेशल आयोजन किया जा रहा है। 

नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें लोगों ने 80-90 बार खारिज कर दिया है, वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ‘हुड़दंगबाजी’ का सहारा लेकर संसद को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से सत्र के दौरान स्वस्थ चर्चा में भाग लेने का आह्वान भी किया और इसके परिणामकारी होने की उम्मीद भी जताई। मोदी ने कहा कि ऐसे मुट्ठीभर लोग अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके और देश के लोगों ने उनके कार्यों को देखा और उचित समय पर उन्हें दंडित भी किया। 

अदाणी समूह के खिलाफ अमेरिकी अभियोजकों के रिश्वतखोरी के आरोपों के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के चलते सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा की बैठक आरंभ होने पर सदन ने दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि नियम 267 के तहत उन्हें कुल 13 नोटिस मिले हैं। 

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संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद पुन: शुरू होने के एक मिनट के अंदर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी और प्रश्नकाल समेत कोई विधायी कामकाज नहीं हुआ। निचले सदन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वर्तमान लोकसभा के सदस्य रहे वसंत राव चव्हाण और नूरुल इस्लाम तथा पूर्व सदस्यों एम एम लॉरेंस, एम पार्वती एवं हरीश चंद्र देवराव चव्हाण के निधन के बारे में सदन को सूचित किया। सभा ने कुछ क्षण मौन रखकर दिवंगत सांसदों और पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कुछ विपक्षी सदस्य एक उद्योगपति से जुड़े मामले और उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार को हुई हिंसा के मुद्दे को उठाने का प्रयास करते सुने गए और हंगामे के बीच बिरला ने करीब 11 बजकर पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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