By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026
संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने सार्वजनिक संपत्तियों के प्रबंधन और विनिवेश की जिम्मेदारी संभालने वाले निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) में 43 प्रतिशत खाली होने पर गंभीर चिंता जताई है। समिति ने वित्त मंत्रालय से विभाग में रिक्त सभी 38 पदों को जल्द भरने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) तथा व्यय विभाग (डीओई) के साथ एक समर्पित अंतर-विभागीय कार्यबल गठित करने की सिफारिश की है। समिति ने कहा कि मार्च में उसकी रिपोर्ट पेश होने के बाद भी दीपम में खाली पदों को भरने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
समिति ने कहा था कि विशेषज्ञ वित्तीय और कानूनी कौशल की आवश्यकता वाले विभाग में इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां जटिल लेन-देन को प्रभावित कर सकती हैं। समिति ने कहा कि कर्मचारियों की कमी से आईडीबीआई बैंक की बिक्री जैसी जटिल विनिवेश प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने तथा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप देने की विभाग की क्षमता प्रभावित होती है। वित्त मंत्रालय ने अपने कार्रवाई संबंधी जवाब में बताया कि दीपम रिक्तियों को भरने के मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों के साथ उठा रहा है।
सहायक अनुभाग अधिकारी, अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और सहायक निदेशक के रिक्त पदों के संबंध में डीओपीटी, डीओई और आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के साथ मामला उठाया गया है। हालांकि, समिति ने मंत्रालय के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि महत्वाकांक्षी परिसंपत्ति मूल्यवर्धन एजेंडा संभालने वाले दीपम का बजट महज 55.92 करोड़ रुपये है और विभाग 43 प्रतिशत रिक्ति दर के साथ काम कर रहा है। समिति ने वित्त मंत्रालय से कहा कि वह डीओपीटी और डीओई के साथ मिलकर समर्पित अंतर-विभागीय कार्यबल के माध्यम से सभी 38 रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे।