By अनन्या मिश्रा | Jan 20, 2026
70 के दशक की सुपरहिट एक्ट्रेस में शुमार परवीन बाबी की 20 जनवरी को मृत्यु हो गई थी। एक्ट्रेस ने शशी कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे कई दिग्गज स्टार के साथ काम किया था। उनकी जिंदगी में सब ठीक चल रहा था। लेकिन परवीन बाबी की मौत ने इंडस्ट्री को अंदर तक हिला दिया था। 1970 के दशक में परवीन बाबी को हिंदी सिनेमा का सबसे ग्लैमरस रोल करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने 1970 और 1980 में आई कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया है। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर परवीन बाबी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
गुजरात के जूनागढ़ में 04 अप्रैल 1954 को परवीन बाबी का जन्म हुआ था। उनके पिता वली मोहम्मद बॉबी जूनागढ़ के नवाब और जमाल बख्ते बॉबी के निकाय प्रशासक थे। परवीन बाबी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। परवीन ने 10 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था।
साल 1971 में परवीन बाबी ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरूआत की थी। फिर साल 1973 में उन्होंने अभिनय जगत में कदम रखा। इसके बाद एक्ट्रेस ने फिल्म 'मजबूर' में काम करके पहचान बनाई। लेकिन परवीन बाबी को असली सफलता फिल्म 'दीवार' से मिली। इसके बाद एक्ट्रेस परवीन बाबी ने 'काला पत्थर', 'अमर अकबर एंथनी', 'शान', 'क्रांति', 'द बर्निंग ट्रेन', 'सुहाग', 'कालिया' और 'नमक हलाल' जैसी सफल फिल्मों में काम करके अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
बता दें कि महेश भट्ट के साथ रोमांस के दौरान ही एक्ट्रेस को मानसिक बीमारी शुरू हुई थी। जिसके बाद महेश भट्ट ने अपने इंटरव्यू में पैरानायड स्कित्जोफ्रेनिया बताया है। लेकिन परवीन बाबी ने ऐसा कुछ नहीं कहा। लेकिन उन्होंने यह जरूर माना कि उनको आनुवांशिक मानसिक बीमारी ने चपेट में ले लिया था। वहीं 1983 में परवीन बाबी ने बॉलीवुड छोड़ दिया और वह कुछ समय बैंगलोर में रहीं और फिर अमेरिका चली गईं। अमेरिका में भी उनकी बीमारी का इलाज नहीं मिला। इस बीमारी के दौरान ही एक्ट्रेस ने अमिताभ बच्चन सहित तमाम नामचीन लोगों से अपनी जान को खतरा बताया।
वहीं साल 1989 में एक्ट्रेस परवीन बाबी भारत लौट आईं और साल 2005 तक वह मुंबई में रही। लेकिन इस दौरान वह बॉलीवुड की चमक-दमक से दूर रहीं। वहीं 20 जनवरी 2005 को 50 साल की उम्र में परवीन बाबी अपने फ्लैट में मृत पाई गईं।