बीएसएफ की ताकत में बड़ा इजाफा, कड़े प्रशिक्षण के बाद बल में शामिल हुए 459 जवान

By नीरज कुमार दुबे | May 05, 2022

बडगाम। सीमा सुरक्षा बल की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है क्योंकि इसे कश्मीर में 459 नव आरक्षी मिले हैं। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इन सभी नये आरक्षियों ने पासिंग आउट परेड के दौरान अपने दमखम का प्रदर्शन भी किया। हम आपको बता दें कि श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा में बीएसएफ के सब्सिडरी ट्रेनिंग सेंटर में पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया जहां इन नये आरक्षियों ने देश सेवा करने की शपथ ली। इन जवानों ने 44 सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के हथियारों को चलाने के अलावा सीमा प्रबंधन के क्षेत्र में दक्षता हासिल की है। इस आयोजन के दौरान केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सलाहकार राजीव भटनागर मुख्य अतिथि थे जिन्होंने पासिंग आउट परेड की सलामी ली।

दूसरी ओर सीमा सुरक्षा बल में शामिल नये आरक्षियों ने भी प्रभासाक्षी से बातचीत में कहा कि हम देश सेवा के लिए तैयार हैं। जवानों ने कहा कि कश्मीर के मौसम ने कड़े प्रशिक्षण के दौरान काफी साथ दिया। जवानों ने कहा कि बल में शामिल होना एक सपने के पूरा होने जैसा है।

इसे भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा को बाधित करने की रची जा रही साजिश? पाकिस्तानी बॉर्डर पर मिली सुरंग को लेकर अब BSF ने जारी किया बयान

हम आपको बता दें कि इस आयोजन के दौरान मुख्य अतिथि ने विभिन्न इनडोर और आउटडोर गतिविधियों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले रंगरूटों को पदक भी प्रदान किए। पासिंग आउट परेड के दौरान सीमा सुरक्षा बल के कश्मीर फ्रंटियर के आईजी राजा बाबू सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अन्य सुरक्षा बलों से जुड़े अधिकारी और जवान तथा प्रशिक्षुओं के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। सभी ने इन गौरवपूर्ण क्षणों को जीवन के अनमोल पल बताया।

प्रमुख खबरें

Lohagad Fort Murder Mystery | कातिल की एक हुडी ने कैसे फेल कर दिया मंगेतर का परफेक्ट क्राइम प्लान? एक गलती और सलाखों के पीछे आरोपी

मुजफ्फरनगर में बड़ी कार्रवाई! पेपर प्लेट फैक्टरी से मुक्त कराए गए 12 बंधुआ मजदूर, नाबालिगों पर ढाया जा रहा था जुल्म

Mumbai Rain Update | मुंबई में मानसून की धमाकेदार दस्तक! रातभर भारी बारिश के बाद ओरेंज अलर्ट जारी

India-China Bilateral Relations: NSA Ajit Doval ने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi से कहा- एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं का सम्मान करें दोनों देश