पवन खेड़ा को Supreme Court से राहत नहीं, CM Himanta बोले- अब Assam में सरेंडर ही विकल्प

By अंकित सिंह | Apr 17, 2026

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को कानून के सामने आत्मसमर्पण कर गुवाहाटी में पेश होना चाहिए, क्योंकि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े आरोपों वाले एक मामले में खेड़ा की पारगमन जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया है। 17 अप्रैल को उत्तर दिनाजपुर में एएनआई से बात करते हुए सरमा ने कहा कि मुझे लगता है कि पवन खेड़ा को कानून के सामने आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। उन्हें गुवाहाटी आकर आत्मसमर्पण करना चाहिए।

असम पुलिस ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी जिसमें खेड़ा को 10 अप्रैल से एक सप्ताह की अग्रिम जमानत कुछ शर्तों के साथ दी गई थी। जमानत आदेश के अनुसार, खेड़ा को संबंधित कानूनी राहत पाने के लिए असम की सक्षम अदालत में जाना आवश्यक था। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पासपोर्ट और संपत्ति संबंधी खुलासों के आरोपों से जुड़े मामले में रिनिकी भुयान सरमा द्वारा दायर मुकदमे में एक सप्ताह की अग्रिम जमानत मंजूर की थी। 

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खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुयान सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं—भारतीय, यूएई और मिस्र—और दुबई में उनकी कुछ अघोषित आलीशान संपत्तियां हैं, साथ ही अमेरिका के व्योमिंग में उनकी एक कंपनी भी है। सरमा परिवार ने इन दावों का पुरजोर खंडन करते हुए दस्तावेजों को पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों द्वारा प्रसारित "एआई-जनित मनगढ़ंत कहानियां" बताया है।

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