By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 22, 2023
वाशिंगटन। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्था के शांतिरक्षा मिशन का सुरक्षा परिदृश्य आज अधिक जटिल, हिंसक और जोखिम भरा है और ऐसे मिशन किसी भी जगह हमेशा के लिए मौजूद नहीं रहने चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की शांतिरक्षा अभियानों की विशेष समिति से मंगलवार को कहा कि बाहर निकलने की रणनीति शुरुआत से ही योजनाओं का हिस्सा होनी चाहिए। कंबोज ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा, ‘‘भारत का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र मिशन किसी जगह अनंतकाल के लिए नहीं रहने चाहिए। बाहर निकलने की रणनीतियां योजनाओं की शुरुआत से ही उनका हिस्सा होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि कुछ सशस्त्र समूहों के पास लगभग सभी पारंपरिक क्षमताएं हैं और इसलिए यह कोई संयोग नहीं है कि शांतिरक्षकों की मौत के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि मेजबान देशों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और कानून का शासन आम नागरिकों की आतंकवादियों और सशस्त्र समूहों से रक्षा कर सकता है और शांति एवं विकास के लिए अनुकूल स्थितियां पैदा कर सकता है। कंबोज ने कहा कि मिशन की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।